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कसरत करने से क्यूं मिलती है खुशी?
क्या आप उदासीनता से थक चुके हैं? तो खुश रहने के लिए कसरत करें! क्या आप काम के कारण तनाव में हैं? तो शरीरिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए कसरत करें! क्या आपको दिन भर थकान महसूस होती है? फिर स्वयं को प्रेरित करने के लिए कसरत करें! अगर सीढियां चढ़ने में भी थकान महसूस हो? तो शरीरिक बल को बढ़ाने के लिए कसरत करें! व्यायाम से हमारे जीवन में होने वाले परिवर्तन बहुत अद्भुत हैं। बात केवल अपने मूड को बेहतर बनाने की नहीं है बल्कि अपने जीवन को अधिक खुशहाल बनाने की है! जब आप आसानी से हिल-डुल पाएंगे तभी अपने सारे कामों को आसानी से कर पाएंगे! इन बातों को अच्छे से समझने के लिए नीचे दी गई सूची को पढें।
कंगना के फिगर का राज नियमित कसरत और बैलेंस डाइट

मूड को बेहतर बनाता है
केवल 5 मिनट के कार्डीओवैस्क्यलर व्यायाम से भी आपको आनंद महसूस हो सकता है! कसरत करते समय, आपका मस्तिष्क रोटोनिन, डोपामाइन, नोरेपाइनपरीन तथा अन्य हार्मोन को स्रावित करता है। जिससे आपको अच्छा महसूस होता है! अगर, आपको कुछ भी करने का मन ना हो तो केवल एक छोटी सी वॉक भी आपके मन को खुशी कर सकती है!

तनाव को कम करता है
एक ऑनलाइन सर्वेक्षण के अनुसार, केवल 14 प्रतिशत लोग तनाव से निपटने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करते हैं। जैसे की ऊपर बताया गया है कि अपने मूड को बदलने में सिर्फ 5 मिनट लगते हैं और इसके लिए आपको ज़ोरदार तरीके से कसरत करने की जरुरत नहीं है। असल में, तनाव को कम करने के लिए हल्की-फुल्की कसरत काफी है।

मानसिक क्षमता को बढ़ाता है
सिक्के के दूसरे पहलू की तरह, जब आप शारीरिक कसरत करते हैं तो आप मानसिक रुप से भी अधिक प्रबल बनते हैं। जब आप मानसिक रुप से प्रबल बनेंगे तो आप में अधिक तनाव से लडने की क्षमता होगी। कुछ लोगों के लिए मानसिक क्षमता को बढ़ाना भी किसी लत से कम नहीं है।

जिंदगी को आसान बनाता है
शारीरिक क्षमता को बढाने से तथा कार्डीओवैस्क्यलर फिटनेस को सुधारने से आपको आपकी जिंदगी बडी आसान लगेगी! इस सब के बीच, बर्फ को हटाने में होने वाली मुश्कक्त के बारे में बात ना करें तो बेहतर है।

प्रतिरक्षा तंत्र को सुधारता है
जब आप कसरत करते हैं, तनाव संबंधी हार्मोन के स्रवण की गति धीमी हो जाती है। तनाव सिर्फ भावनात्मक ही नहीं - बल्कि भौतिक भी है। इन हार्मोनस को कम करके, आप अपने स्वास्थ्य को सुधारते हैं।

जीवन की गतिविधियों में भाग लें
आपके जीवन में खुशी तब आएगी जब आप कुछ करने की इच्छा रखते हैं और उसे करने के लिए स्वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। जब आप अपने बच्चों तथा पोते-पोतियों के साथ खेलेंगे, अपने दोस्तों के साथ विभिन्न खेलों में शामिल होंगे और अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण लोगों के साथ अन्य कार्यों को कर पाएंगे, तब आपको जिंदगी बहुत अद्भुत नज़र आएगी।

बुढापे में भी स्वस्थ रहें
कसरत से आपकी रीढ़ की हड्डी में लचक बनी रहती है। रीढ़ की हड्डी की मजबूती से आपको हिलने-डुलने में आसानी होगी। अगर बढ़ापे में हिलने-डुलने में आसानी हो तथा मांसपेशियां मजबूत हों तो जिंदगी बहुत सरल बन जाती है।

अच्छी नींद
अगर आप सोने से 5-6 घंटे पहले कम से कम 20-30 मिनट के लिए कसरत करते हैं, तो कसरत ना करने की तुलना में कसरत करने से आपके शरीर के तापमान में अधिक गिरावट आएगी। इसी के कारण आपको अच्छी नींद आती है!

शारीरिक ऊर्जा में वृद्धि
हालांकि व्यायाम करने के बाद आपको थोड़ी सी थकान महसूस होती है, लेकिन यह आपकी शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाता है। यह ऊर्जा दिन भर आपको सक्रिय रहने में मदद करती है।

अवसाद एवं चिंता को कम करता है
एक अच्छा महामारी विज्ञान का डेटा इस बात को बताने के लिए काफी है कि असक्रिय लोगों की तुलना में सक्रिय लोग अवसाद का कम शिकार होते हैं। कसरत, केवल अवसाद के इलाज की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उस बिगडे संतुलन को बनाए रखने के लिए भी बहुत जरुरी है।



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