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शरीर में प्रोटीन की कमी के लक्षण
प्रोटीन की कमी से ग्रसित व्यक्तियों में बार-बार भूख लगना, पतले बाल व नाखूनों का नाजुक होना जैसे लक्षण होते हैं। मानसिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है और भ्रम, चिड़चिड़ापन व अवसाद जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं।
पूरा प्रोटीन ना होने के कारण संक्रमणों के खिलाफ प्रतिरोध में कमी, घाव भरने में देरी और बीमारियों से ठीक होने मे देरी हो सकती है। आहार में पर्याप्त प्रोटीन्स के बिना एंटीबाॅडीज़ का निमार्ण नहीं हो पाता और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
प्रोटीन्स की कमी के कारण पर्याप्त मात्रा में एंजाइम्स भी नहीं बन पाते जो पाचन को प्रभावित करता है और शरीर द्वारा पोशक तत्वों के उपयोग करने की क्षमता को बाधित करता है। यही नहीं कभी कभी हमें दिमागी थकावट होती है जिसके चलते हम अपने काम को दोष देने लग जाते हैं, यह जाने बिना कि शायद हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी की वजह से हमे ऐसा लग रहा है।
प्रोटीन की कमी से हमे बीमारियों का सामना करना पड़ता है। कुछ लक्षण हमारे शरीर में उभरते हैं जैसे लो ब्लड शुगर लेवल और थकावट। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ और कारण।

भूख लगना
जब हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी होती है तो हम नॉन नूट्रिशनल और अन्हेल्थी खाने की तरफ भागते हैं। इन खाद्य पदार्थों में शकर की मात्रा ज्यादा होती है, जिसे कैंडी, चॉकलेट, पास्ता, चिप्स, और कोल्ड ड्रिंक्स। अगर आपको इन सब खाद्य पदार्थों को खाने का मन हो रहा है तो आपके अंदर प्रोटीन की कमी है।

जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द
प्रोटीन की कमी से जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। सिनोविअल फ्लूइड प्रोटीन से बना होता है और यह जोड़ों में मौजूद होता है जोड़ों लचीला बनता है साथ ही मांसपेशियों का पुनर्निर्माण करता है। प्रोटीन की कमी से फ्लूइड कम बनता है जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होता है।

कम ऊर्जा और थकान
प्रोटीन की कमी से ब्लड शुगर लेवल कम होता है जिससे मूड स्विंग्स की परेशानी होती है। हम जल्दी नाराज़ होने लगते हैं और मानसिक तनाव महसूस करते हैं। हमारा शरीर शारीरिक और मानसिक तनाव को झेल नहीं पता है जिसकी वजह से हमारी एकाग्रता में कमी आती है।

नींद ना आना
शरीर में प्रोटीन की कमी से हमे सोने में तकलीफ़ होती है, और अक्सर रात में भी नींद टूट जाती है। यह इसलिए होता है क्यों कि हमारा शरीर शुगर और कार्बोहाइड्रेट मांगता है जिससे दिमाग आराम नहीं कर पता है।

बार बार बीमार पड़ना
प्रोटीन की कमी से इंसान बार बार बीमार पड़ता है, यह इसलिए होता है क्योंकि हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है जो रोगों से लड़ने में मदद करता है। प्रोटीन की कमी से सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी आ जाती है जिससे इंसान जल्दी जल्दी बीमार पड़ने लगता है।

दिमाग कमज़ोर हो जाना
मस्तिष्क के न्यूरॉन्स, न्यूरोट्रांसमीटर और अन्य रासायनिक रिसेप्टर्स भी प्रोटीन से बने होते हैं इसीलिए प्रोटीन की कमी से दिमाग धीरे काम करता है। जब हम प्रोटीन खाते हैं तो हमारा मस्तिष्क डोपामाइन का कैमिकल बनता है जो मानसिक एकाग्रता को बढ़ता है।

वजन बढ़ना
अगर आपका वजन बढ़ रहा है तो आपके आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा है और प्रोटीन की काम। प्रोटीन चयापचय बढ़ता है जिससे शारीरिक काम ज्यादा करते हैं और आपका वजन कम होने लगता है। इसलिए आपके आहार में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा दें जिससे आप मानसिक रूप से फिट रहें और स्लिम भी।



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