Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
सिर और गले के कैंसर को फिर से लौटने से रोकती है ब्रोकली, शोध
एक नए अध्ययन से पता चला है कि सुपर फ़ूड ब्रोकोली का अधिक सेवन सिर तथा गले के कैंसर के सरवाईवर्स में कैंसर की कोशिकाओं को पुन: बनने से रोकता है।
पीट्सबर्ग यूनिवर्सिटी की प्रमुख लेखिका जूली बोमन के अनुसार, “अक्सर सिर और गर्दन के कैंसर के सरवाईवर्स में यह देखा जाता है कि यह कैंसर कुछ सालों बाद घातक परिणामों के साथ वापस आ जाता है।” ब्रोकोली में सल्फ़ोराफेन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
अध्ययनों के अनुसार यह एक प्राकृतिक आणविक यौगिक है जो पर्यावरण में पाए जाने वाले कैंसर उत्पन्न करने वाले कारकों से लोगों को रक्षा करती है। ब्रोकोली का सेवन करने से कोशिकाओं में सल्फ़ोराफेन बढ़ता है।

उस प्रोटीन का स्तर बढ़ता है जो इस क्रुसिफेरस सब्जी में मिलने वाले डिटॉक्सीफिकेशन जींस को सक्रिय करता है। ये जींस (गुणसूत्र) कैंसर से कोशिकाओं की रक्षा करते हैं क्योंकि ये शरीर से कैंसर उत्पन्न करने वाले कारकों को साफ़ करते हैं, विशेष रूप से सिगरेट के कारण उत्पन्न होने वाले कारक।
कैंसर प्रिवेंशन रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार एक टीम ने सिर तथा गले के कैंसर के रोगियों को सल्फ़ोराफेन के विभिन्न डोज़ दिए तथा उनके कैंसर कोशिकाओं की तुलना गले और मुंह की स्वस्थ कोशिकाओं से की।
इसके अलावा चूहों पर एक परीक्षण यह देखने के लिए किया गया कि ब्रोकोली का सत्व चूहों पर किस प्रकार का प्रभाव डालता है। इन चूहों को सिर और गर्दन के कैंसर के लिए प्रवृत्त किया गया था। परिणामों में यह देखा गया कि जिन चूहों को सल्फ़ोराफेन दिया गया था उनमें अन्य चूहों की तुलना में (जिन्हें सल्फ़ोराफेन का डोज़ नहीं दिया गया) कम कैंसर कोशिकाओं का निर्माण हुआ।
बोमन ने बताया कि, “पौधों से या उनके सत्व से प्रतिरोधी दवाईयों का निर्माण करके उत्पादन और वितरण की लागत को कम किया जा सकता है इससे मृत्यु दर और जीवन की गुणवत्ता पर एक बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।” (आईएएनएस से प्राप्त जानकारी के अनुसार)
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











