Latest Updates
-
Ashura Ki Namaz And Dua: 10 मुहर्रम की नमाज और दुआ पढ़ने का तरीका, जानें आशूरा की नमाज में कितने रकात होती है -
Muharram 2026: मुहर्रम क्यों मनाया जाता है? जानें कर्बला की जंग और इमाम हुसैन की शहादत का इतिहास -
Energy Drink Badam Milk Recipe: घर पर बनाएं सेहत से भरपूर बादाम वाला दूध -
Muharram 2026 Wishes: कर्बला का हर ज़र्रा गवाही देता है...मुहर्रम पर अपनों को भेजें ये खास संदेश -
Quick 15 Minute Shrimp Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
कौन हैं क्रिकेटर आकाश दीप की पत्नी अक्षिता राज? खूबसूरती में नहीं हीरोइन से कम, शादी की पहली तस्वीर आई सामने -
5 Minute Street Style Bread Pakoda Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा नाश्ता -
World Vitiligo Day 2026: विटिलिगो (सफेद दाग) में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानिए एक्सपर्ट से -
Simple Homestyle Chicken Curry Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी के दिन बाल-नाखून कटवा सकते हैं या नहीं? दूर करें कंफ्यूजन
दिमाग को दुरूस्त रखने के लिए न खाएं फैटी फूड
अगर आप खुद को दुबला-पतला और छरहरा बनाना चाहती हैं तो उन फूड से दूर रहें जिनमें सैचुरेटेड फैट होता है जैसे कि मक्खन, चीज़ या फ्राइड फूड आदि। इनके सेवन से आपके ब्रेन को काफी स्ट्रगल करना पड़ता है। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन जनाब ऐसा ही है।
Paytm कूपन! अब पाएं 100% कैशबैक... फैशन, मोबाइल फोन और मूवीज़ पर
हाल ही में हुए एक सर्वे से स्पष्ट पता चला है कि फैटी फूड के सेवन से हाईपोथैलेमस के प्रभावित होने के चांसेस काफी ज्यादा रहते हैं। यह ब्रेन का वह हिस्सा होता है जो भूख को नियंत्रित करता है।

जिन फूड में सैचुरेटेड फैट काफी ज्यादा होता है वह ब्रेन के उस हिस्से को कमजोर बना देता है और उसकी क्रियाविधि पर असर डालता है।
जिससे व्यक्ति को समझने में दिक्कत होती है कि उसे क्या भोजन खाना चाहिए और क्या नहीं। जिसके कारण वह कुछ भी खाने लगता है और उसके शरीर पर मोटापा चढ़ जाता है।

इसके अलावा, शरीर के मेटाबोल्जिम पर भी फैटी फूड का अध्ययन किया गया है जिसमें कई चीजें सामने आईं। इटली में नेपल्स फेडरिको द्वितीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने इस संदर्भ में अध्ययन किया और वसायुक्त भोजन के कई अप्रत्यक्ष हानिकारक प्रभावों को बताया।
वहीं यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि मछली, एवोकैडो और कई अन्य प्राकृतिक पदार्थों में युक्त वसा से ऐसा प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ता है।

अध्ययन से पता चलता है कि मस्तिष्क, सामान्य भोजन के बाद क्रियाविधि सही करता है लेकिन अगर भोजन में फेरबदल होता है तो सूक्ष्म अंतर पड़ जाता है। इसलिए, बेहतर होगा कि आप मोटापे से दूर रहने के लिए ही नहीं बल्कि अपने दिमाग को दुरूस्त रखने के लिए भी फैटी फूड का सेवन कतई न करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications