खसरे की बीमारी से बचने के 12 घरेलू इलाज

मीजल्स यानी खसरा सांस से जुड़ी एक वायरल बीमारी है। यह बीमारी सर्दी और वसंत ऋतु में ज्‍यादा प्रभावी हो जाती है। इसलिये इस मौके पर सावधानी बरतनी बेहद जरुरी होती है। यह रोग संक्रमित व्‍यक्‍ति के छींकने से फैलता है।

खसरे की बीमारी ज्‍यादातर बच्‍चों को होती है, लेकिन कभी कभार यह बड़ों को भी हो जाती है। इससे बचाव का अच्‍छा तरीका है कि बच्‍चे के एक साल हो जाने तक उसे खसरे का टीका लगवा दिया जाए।

खसरे के लक्षण सात से चौदहा दिनों में दिखने लगते हैं। इसमें सबसे पहले रोगी के चेहरे और गर्दन पर लाल रंग के चकत्‍ते, आंखों से पानी आना, कफ, सर्दी और भूंख का खतम होने जैसे आम लक्षण होते हैं।

कभी कभार हाई फीवर भी आता है जो कि 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। आइये जानते हैं खसरे से बचने के घरेलू इलाज क्‍या हैं।

 मुलेठी

मुलेठी

मुलेठी की जड़ों का पावडर बना कर शहद के साथ मिला कर रोजाना आधा चम्‍मच खाएं।

इमली का बीज और हल्‍दी

इमली का बीज और हल्‍दी

इमली के बीज का पावडर बना कर हल्‍दी के साथ बराबर-बराबर मात्रा में खाएं। इस मिश्रण का 350 ग्राम से 425 ग्राम तक रोजाना तीन बार खाने से रोगी जल्‍द ठीक हो जाता है।

नीम की पत्‍तियां

नीम की पत्‍तियां

नीम की पत्‍तियों में एंटीवायरल और एंटीसेप्‍टिक गुण होते हैं। इसकी पत्‍तियों को नहाने के गरम पानी में मिलाएं जिससे खुजली और रैश ठीक हो सके। रोगी को इस पानी में कम से कम 20 मिनट तक रहना ही चाहिये।

लहसुन

लहसुन

लहसुन एक प्रभावी दवा मानी जाती है, जिसको अगर शहद के साथ पीस कर रोजाना खाया जाए तो असर दिखता है।

नींबू का रस

नींबू का रस

15-25ml नींबू के रस को पानी के साथ मिला कर पीने से मीजल्‍स ठीक हो जाता है।

करेले की पत्‍ती और हल्‍दी की जड़

करेले की पत्‍ती और हल्‍दी की जड़

हल्‍दी की जड़ का पावडर बना कर उसे शहद के साथ मिक्‍स करें। उसके बाद उसमें करेले की पत्‍ती का जूस निचोड़ कर डालें और चाट लें।

नारियल पानी और उसकी मलाई

नारियल पानी और उसकी मलाई

नारियल पानी शरीर में जमा हुए जहरीले तत्‍व को बाहर निकालता है और उसकी मलाई में एंटी ऑक्‍सीडेंट होता है जिससे मीजल्‍स तुरंत ठीक हो जाता है।

आमला

आमला

आमले का पावडर बना कर उसे पानी के साथ लें। इससे खुजली और जलन ठीक हो जाता है। आप चाहें तो इससे अपने शरीर को भी धो सकते हैं।

जौ

जौ

मीजल्‍स में अगर कफ आता है तो जौ का पानी काफी लाभकारी होगा। रोगी को जौ का पानी पीना चाहिये जिससे वह तुरंत ठीक हो सके।

बैंगन के बीज

बैंगन के बीज

बैंगन खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बेस्‍ट रिजल्‍ट के लिये रोगी को तीन दिनों के लिये आधा ग्राम बीज खिलाएं।

संतरे का रस

संतरे का रस

संतरे का रस मीजल्‍स को पूरी तरह से ठीक करता है। इसमें रोगी को जब भूख नहीं लगती तो उसको संतरे का रस पिलाने से उसकी भूख बढ़ जाती है।

बटर

बटर

अगर मीजल्‍स में बुखार भी आता है तो, उसे बटर के साथ उतनी ही शक्‍कर मिला कर सुबह के समय दो चम्‍मच चटानी चाहिये।

Story first published: Wednesday, March 16, 2016, 10:37 [IST]
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