Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद
हफ्ते में दो बार कच्ची लहसुन का सेवन बचाएगा फेफड़ों के कैसर से
आज कल लोगों में फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ता जा रहा है। अगर इसका पता बहुत देर से चले तो इंसान को बचा पाना काफी मुश्लिक हो जाता है।
READ: फेफडों के कैंसर के शुरूआती लक्षण
स्टडी से पता चला है कि अधिकतर लोगों में फेफड़ों का कैंसर स्मोकिंग से फैलता है। पर कई केसो में जो लोग स्मोकिंग नहीं करते हें उन्हें भी इस प्रकार का कैंसर होने के चांस रहते हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग लहसुन खाते हैं उन्हें इस रोग के विकास की संभावना 44 प्रतिशत कम होती है। सप्ताह में केवल दो बार लहसुन खा लेने से फेफड़ों का कैंसर नहीं होता। इसे हमेशा कच्चा खाना चाहिये।
READ: लहसुन के 15 स्वास्थ्य लाभ
अगर स्मोकिंग करने वाले लहसुन खाएं तो वे 80 प्रतिशत तक इस बीमारी से बच सकते हैं। इसके अलावा लहसुन उन्हें भी खाने की सलाह दी जाती है जिनकी फैमिली हिस्ट्री में यह कैंसर पहले से ही मौजूद है।

लहसुन और फेफड़ों का कैंसर
लहसुन के ये गुण उसमें पाए जानेवाले पदार्थ एल्लीसिन से जुड़े हुए हैं। यह पदार्थ तब निकलता है जब लहसुन पीसा जाता है। नमकवाले पानी में रखा गया या उबला लहसुन शरीर में शोथ (इन्फ्लेमेशन) होने पर मदद करता है, क्योंकि वह एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करता है।

कब और कैसे खाएं लहसुन ?
सलाह दी जाती है कि लहसुन को रोजाना खाली पेट या फिर रात को डिनर करने के बाद कच्चा खाना चाहिये। इसे खाने के बाद पानी का सेवन कुछ देर के लिये ना करें। हांलाकि कच्ची लहसुन को चबा चबा कर खाना थोड़ा मुश्किल है, इसलिये आप साबुत लहसुन की कली को थोड़े से पानी के साथ निगल सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











