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ग्रीन टी पीने का सही तरीका और सही समय क्या है?
आजकल ग्रीन टी एक लोकप्रिय पेय पदार्थ बनता जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूक हो गए हैं।
ऐसे लोग जो मोटापा कम करना चाहते हैं, पेट पर जमे हुए फैट को कम करना चाहते हैं, अच्छी त्वचा और पाचन की प्रक्रिया में सुधार लाना चाहते हैं, उर्जावान और स्वस्थ बने रहना चाहते हैं, वे सभी ग्रीन टी का सेवन करते हैं। परन्तु इसका यह अर्थ नहीं है कि हम एक के बाद दूसरा कप ग्रीन टी ही पीते रहें।
येही एक गलती है जो हम में से अधिकाँश लोग करते हैं। हमें यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि गलत समय पर ग्रीन टी पीने से कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।
ग्रीन टी में कैफीन और टैनिन होता है जो गैस्ट्रिक जूस को पतला कर देते हैं तथा पेट को प्रभावित करते हैं। इसके कारण जी मिचलाना, गैस्ट्रिक पेन (दर्द) तथा पेट में अम्लता को बढ़ा सकता है।
यदि ग्रीन टी को सही समय पर तथा सही मात्रा में लिया जाए तभी हमें इसके अधिकतम लाभ मिलते हैं। दुनिया भर में की गयी खोजों और अध्ययनों से सिद्ध हुआ है कि ग्रीन टी से कई लाभ होते हैं परंतु इसका आवश्यकता से अधिक सेवन करने से स्वास्थ्य पर दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।
यदि आप ग्रीन टी पीने के सही तरीके के बारे में जानना चाहते हैं तो इसे पढ़ें। यहाँ ग्रीन टी पीने के 8 उत्तम तरीके बताए गए हैं।

1. ग्रीन टी को खाली पेट न पीयें:
हम में से अधिकाँश लोगों का ऐसा मानना है कि खाली पेट ग्रीन टी पीने से हमारा शरीर अंदर से स्वच्छ होता है। ऐसा नहीं करना चाहिए। ग्रीन टी में कैफीन होता है जो गैस्ट्रिक जूस को पतला कर देता है तथा पेट और प्लीहा को प्रभावित करता है।

2. ग्रीन टी पीने का सही समय:
अच्छे परिणामों के लिए खाना खाने के आधा घंटा पहले या खाना खाने के 1-2 घंटे बाद ग्रीन टी पीयें।

3. ग्रीन टी में दूध या शक्कर न मिलाएं:
ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंटस और थियानाइन होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। परन्तु जब दूध में उपस्थित प्रोटीन और शुगर में उपस्थित कैलोरीज़ ग्रीन टी में उपस्थित फ़्लवोनोइडस से मिलते हैं तो नकारात्मक प्रतिक्रिया होती है जिससे शरीर को ग्रीन टी से मिलने वाले लाभ नहीं मिल पाते।

4. ग्रीन टी को शहद के साथ पीयें:
ग्रीन टी में उपस्थित कैफीन तथा शहद में उपस्थित विटामिन्स नयूरोंस को पुनर्जीवित करते हैं तथा शरीर में उपस्थित फैट को बर्न करते हैं। शहद कैलोरीज़ कम करने में मदद करता है तथा ग्रीन टी चयापचय की दर को बढ़ाती है।

5.खाना खाने के तुरंत बाद ग्रीन टी न पीयें:
खाना खाने के तुरंत बाद ग्रीन टी न पीयें। ग्रीन टी में उपस्थित कैफीन पाचन को प्रभावित करता है तथा पोषक तत्वों को शरीर में अवशोषित होने से रोकता है।

6. दिन में 2-3 कप:
ग्रीन टी के अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए दिन में केवल 2-3 कप ग्रीन टी पीयें। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंटस और फ़्लवोनोइडस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से शरीर में विषारी पदार्थों की मात्रा बढ़ती है तथा आपका लीवर प्रभावित हो सकता है।



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