क्‍या आप भी अंडे में से जर्दी अलग करके खाते हैं, तो आप कर रहे बड़ी गलती!

अंडे का सबसे पौष्टिक और टेस्‍टी भाग उसका पीला भाग होता है जिसे यॉक या अंडे की जर्दी कहा जाता है। कई लोग उसे खाने से परहेज करते है, लेकिन अगर आप भी ऐसा करते है तो यह गलती आज से बंद कर दे।

By Super Admin

इन दिनों अंड़े का सेवन, सामान्‍य आहार बन गया है और कई देशों में इसे शाकाहारी ही माना जाता है। जैसाकि हम सभी को ज्ञात है कि अंडा कई पौष्टिक गुणों से भरपूर है और शरीर को काफी फायदा पहुंचाता है। पर कुछ लोगों को इसके अंदर निकलने वाले पीले हिस्‍से को न खाने की आदत होती है जो कि सही नहीं है।

अंडे का आधे से अधिक पोषण इसी हिस्‍से में होता है। ये किसी सुपरफूड से कम नहीं है। कई लोग इस हिस्‍से को शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने के डर की वजह से नहीं खाते हैं बल्कि इस हिस्‍से के सेवन से बिल्‍कुल भी कोलेस्‍ट्रॉल नहीं बढ़ता है।

इसे आप कुछ इस तरह एक उदाहरण से समझिए, हर एक अंडे में लगभग 186 मिग्रा. कोलेस्‍ट्रॉल होता है लेकिन ये रक्‍त कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को बढ़ाता नहीं है। परन्‍तु यदि कोई मधुमेह से ग्रसित है तो उसे डॉक्‍टर से पूछकर ही इस हिस्‍से का सेवन करना चाहिए।

 कोलेस्ट्रॉल को समझना

कोलेस्ट्रॉल को समझना

कोलेस्ट्रॉल, कुछ खाद्य पदार्थों में मिला हुआ मोमी पदार्थ है और यह हमारे शरीर में जिगर द्वारा भी निर्मित होता है। यह को‍शिका के कार्यान्‍वयन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है और विटामिन डी का भी उत्‍पादन करता है। पाचन के लिए पित्‍त का निर्माण भी इसके द्वारा ही होता है। कोलेस्ट्रॉल की दो श्रेणियां, कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) और उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) होती हैं।

 एलडीएल (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन)

एलडीएल (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन)

यह बुरे प्रकार के कोलेस्ट्रॉल है जो धमनियों की आंतरिक दीवारों पर जमते हैं और इससे दिल की बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है। आपके एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का निचला स्तर, कार्डियक रोगों के जोखिम कम कर देता है।

एचडीएल (उच्च घनत्व वाला लि‍पोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल)

एचडीएल (उच्च घनत्व वाला लि‍पोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल)

दूसरी तरफ, एचडीएल कोलेस्ट्रॉल, एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल है जो आपके खून से "खराब" कोलेस्ट्रॉल को हटाकर शरीर को हृदय रोगों से बचाता है और इसे धमनियों में जमने से दूर रखता है। इसलिए, अधिक एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बेहतर होता है।

मानव शरीर की प्रणाली, शरीर में होने वाले परिवर्तनों को आसानी से संतुलित कर देती है। इसी तरह वह कोलेस्‍ट्रॉल को भी संतुलित बनाये रखती है। ऐसे में आप अंडे का सेवन आसानी से शरीर में अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल को बनाए रख सकते हैं।

 अंडे के यॉक के बारे में जानें कुछ ख़ास बातें:

अंडे के यॉक के बारे में जानें कुछ ख़ास बातें:

ये सिर्फ मिथक है अंडे की जर्दी नुकसान पहुँचाती है और मोटापे को बढ़ाती है। बल्कि अध्‍ययनों में इसके विपरीत कई बातें सामने आई हैं और इसके बहुत फायदों को निष्‍कर्ष के रूप में निकाला गया है।

अंडे की जर्दी को लेकर कुछ अन्‍य बातें निम्‍न प्रकार हैं:

अंडे की जर्दी को लेकर कुछ अन्‍य बातें निम्‍न प्रकार हैं:

1. अंडा, प्रथम श्रेणी की प्रोटीन में आता है जिसमें अमीनो एसिड के सारे गुण बहुत सारी मात्रा में होते हैं। अगर आप यॉक को हटा देते हैं तो ये सभी तत्‍व निकल जाएंगे और आपके शरीर में नहीं पहुंचेगे। आपको बता दें कि एक अंडे में 6 ग्राम प्रोटीन होती है लेकिन अगर आप जर्दी के हिस्‍से को निकाल दें तो मात्र 3 ग्राम प्रोटीन ही बचेगी।

2. इस हिस्‍से में अंडे के ज्‍यादातर पौषक तत्‍व होते हैं। अगर आप इसे निकाल देते हैं तो कोलीन, सेलेनियम, जस्त, विटामिन ए, बी, ई और डी जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को खो देते हैं। अंडे में कोलोन और विटामिन डी की उपलब्‍धता होती है

 एक दिन में कितने अंडो को सेवन सही रहता है -

एक दिन में कितने अंडो को सेवन सही रहता है -

ये जीवनशैली और आपकी खुराक पर निर्भर करता है। लेकिन सामान्‍य जीवन जीने वाले व्‍यक्ति को हर दिन दो अंडों का सेवन करना सही रहता है। लेकिन अगर आप जिम जाते हैं या भारी श्रम करते हैं तो चार अंडों का सेवन करें।

अंडे का सेवन, आपके द्वारा खपत की जाने वाली संतृप्‍त वसा पर भी निर्भर करता है।

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