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क्या आप जानती हैं कि इन खाद्य पदार्थों के सेवन से PCOS हो सकता है
हम पीसीओएस को कैसे रोक सकते हैं? यदि इस समस्या का पता जल्दी लग जाए तो इससे अच्छा उपचार और कोई नहीं हो सकता।
पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) हार्मोन्स से संबंधित एक मुख्य समस्या है जिनका सामना आजकल अधिकाँश महिलायें उनकी प्रजनन उम्र के दौरान कर रही है।
इन्सुलिन प्रतिरोध या एंडोक्राइन प्रणाली के ठीक से काम न करने के अलावा निष्क्रिय जीवन शैली भी पीसीओएस का एक मुख्य कारण है इसके अलावा कुछ विशिष्ट खाद्य पदार्थों के सेवन से भी पीसीओएस हो सकता है। इसके कुछ निश्चित लक्षण हैं जैसे वजन बढ़ना और कोई भी उपाय करने पर भी वज़न में कमी न होना।
आपको यह समझना चाहिए कि यदि पीसीओएस के कारण वज़न बढ़ा है तो इसे कम करना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि यह इन्सुलिन के स्तर के अधिक होने से होता है जिसके कारण शरीर में फैट जमा होने लगता है।
फिर हम पीसीओएस को कैसे रोक सकते हैं? यदि इस समस्या का पता जल्दी लग जाए तो इससे अच्छा उपचार और कोई नहीं हो सकता।
यदि इसका उपचार नहीं किया गया तो इसके कारण अन्य समस्याएं जैसे हाइपरटेंशन, टाइप 2 डाइबिटीज़ और हृदय से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। यहाँ कुछ खाद्य पदार्थों की सूची दी गयी है जिनके सेवन से पीसीओएस हो सकता है। आइये देखें:

1. कैफीन:
कॉफ़ी में उपस्थित कैफीन एस्ट्रोजन के स्तर बढ़ाता है जो मासिक धर्म के साथ साथ महिलाओं की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित करता है। अत: अधिक मात्रा में कॉफ़ी के सेवन से पीसीओएस की संभावना बढ़ जाती है।

2. उच्च जीआई उत्पाद:
बिस्किट्स, व्हाइट ब्रेड, केक और चांवल में और यहाँ तक कि आइसक्रीम का भी ग्ल्य्समिक इंडेक्स (सूचकांक) बहुत अधिक होता है। इस प्रकार के खाद्य पदार्थों जिनमें सरल कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, इन्सुलिन के स्तर को बढ़ाते हैं। इससे पीसीओएस होने की संभावना प्रत्यक्ष रूप से बढ़ जाती है।

3. अल्कोहल:
अल्कोहल की अधिक मात्रा का सेवन करने से हार्मोन्स में असंतुलन आ जाता है जिससे शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। इसके कारण पीसेओएस हो सकता है।

4. डेयरी उत्पाद:
दूध तथा दूध से बने पदार्थों के अत्याधिक सेवन से टेस्टोस्टेरान का स्टार बढ़ जाता है क्योंकि इन पदार्थों में सैचुरेटेड फैट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि इन पदार्थों के सेवन से पीसीओएस का खतरा बढ़ जाता है।

5. सफ़ेद चीनी:
सफ़ेद चीनी की अधिक मात्रा का सेवन करने से शरीर में इन्सुलिन का स्तर बढ़ जाता है जिससे पीसीओएस होने का खतरा बढ़ जाता है।

6. रेड मीट:
रेड मीट (मटन) में सैचुरेटेड फैट्स होते हैं। इससे एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है जिससे वज़न बढ़ने और पीसीओएस होने की संभावना बढ़ जाती है।

7. हाइड्रोजनीकृत खाद्य उत्पाद:
पैकेज्ड फ़ूड और तले हुए पदार्थ हाइड्रोजनीकृत फैट युक्त पदार्थ हैं इससे महिलाओं में पीसीओएस होने का खतरा बढ़ जाता है।

8. प्रोसेस्ड फ़ूड (प्रसंस्करित खाद्य पदार्थ):
प्रोसेस्ड फ़ूड में उपस्थित केमिकल्स (रसायन), प्रिज़र्वेटिव और एडिटिव पदार्थों के कारण शरीर में इन्सुलिन का स्तर बढ़ता है, जिसके कारण शरीर में सूजन बढ़ती है। पीसीओएस होने का यह एक मुख्य कारण है।



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