इतना जिम जाने और डाइटिंग के बाद भी क्‍यूं नहीं घट रहा मोटापा, जानें कारण

एक्सपर्ट्स की माने तो सभी की बॉडी अलग अलग रेस्पोंस देती है, जिसकी वजह से वजन कम और ज्यादा होता है। चलिए जानते हैं कि आखिर पूरी कोशिशों के बाद भी कुछ केसेस में वजन कम क्यों नहीं होता।

फिट एंड फैब, दिखने के लिए​ जिम, योगा और एक्सरसाइज करने के साथ ही डाइट में बदलाव करना भी जरुरी होता है। यह सभी आम टिप्स हैं, जिनकी मदद से आप आसानी से बढ़ता वजन कंट्रोल कर सकते है।

लेकिन कुछ केसेस ऐसे भी हैं, जिनमें यह कॉमन टिप्स कभी कभी कारगार साबित नहीं होती। ऐसा इसलिए क्योंकि इन कुछ केसेस में प्रॉपर डाइट प्लान नहीं बनाया जाता, या यू कह ले कि मोटापा घटाने का सही ट्रेक नहीं पकड़ पाते।

जबकि एक्सपर्ट्स की माने तो सभी की बॉडी अलग अलग रेस्पोंस देती है, जिसकी वजह से वजन कम और ज्यादा होता है। चलिए जानते हैं कि आखिर पूरी कोशिशों के बाद भी कुछ केसेस में वजन कम क्यों नहीं होता।

 सिर्फ वेट स्केल पर निर्भर न रहें

सिर्फ वेट स्केल पर निर्भर न रहें

ऐसा बहुत बार होता है कि वेट स्केल में हफ्तों तक वेट एक माप पर टिका रहता है। घंटो जिम में पसीना बहाने पर भी वेट मशीन का काटा न उपर खिसकता है और नीचे। ऐसे में घबराने की जरुरत नहीं है, क्योंकि सभी की बॉडी एक्सरसाइज का अलग अलग रेस्पोंस देती है। किसी की बॉडी बहुत जल्द रेस्पोंस देना शुरू कर देती है तो किसी का लेट। जबकि वहीं दूसरी वजह यह भी होती है कि हमारे शरीर का वजन

कभी भी समान नहीं रहता। हमारे खान-पान की वजह के चलते वजन अस्थिर रहता है। यहां तक कि वजन के घटने और बढ़ने की वजह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि हमारे हॉर्मोन्स का रेस्पोंस और पानी पीने की आदत भी निभर करता है। इस​​लिए वेट लॉस को मापने के लिए सिर्फ स्केल पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

प्रोटीन की लें सही खुराक

प्रोटीन की लें सही खुराक

इंसानी शरीर के लिए प्रोटीन सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। इसकी कमी से जहां शरीर में थकान होती है तो वहीं इसकी अधिकता भी हमारी बॉडी पर प्रभाव डालती है। जब बात हो वेट लॉस की तो हमें प्रोटीन इनटेक पर सर्तक रहना चाहिए। क्योंकि अगर दिन में ली गई कैलोरी का 25-30 प्रतिशत भी प्रो​टीन जाता है तो यह प्रोटीन हमारे शरीर के मैटाबोलिज्म को 80-100 कैलोरिज बढ़ा देता है। इतना ही नहीं, प्रोटीन कार्विंग्स को कम करने में मदद करने के साथ ही मैटाबोलिज्म और वजन की अस्थिरता में भी मदद करता है।

जूस नहीं, खाइये फल

जूस नहीं, खाइये फल

अगर आप सोच रहें है कि आपने सॉफ्ट ड्रिंक्स कम करने पर भी वेट लॉस क्यों नहीं हो रहा तो, बता दे कि डाइट में इन तमाम ज्यूस और विटामिन वॉटर को शामिल करने से भी हमारे शरीर में चीनी की मात्रा बढ़ती ही है। ऐसे में शरीर में चीनी की मात्रा शरीर में कम करने के लिए किसी ज्युस पर निर्भर रहने के बजाए, फल खाएं, इससे शरीर में फाइबर भी जाएगा और चीनी की मात्रा भी कम होगी।

कैलोरीज का बढ़ना

कैलोरीज का बढ़ना

वजन को कंट्रोल करने में सबसे बढ़ी भूमिका सिर्फ कैलोरिज की ही होती है। इनके घटने और बढ़ने की वजह से हमारा वजन घटता और बढ़ता है। इसलिए तो अपने डाइट चार्ट के फूड की भी कैलोरीज का हिसाब किताब रखना चाहिए। इसके लिए आप चाहे तो एक हैंडी कैलोरी कैलकुलेटर भी अपने साथ रख सकते हैं। कैलोरी को ट्रेक में रख कर आप बहुत जल्द अपने फिक्स गोल तक आसानी से पहुंच सकते है।

जरुरी है एक्सरसाइज

जरुरी है एक्सरसाइज

वेट लिफ्टिंग के लिए यह सामान्य राय है कि इससे हमारी बॉडी फिट होती है और मसल्स बनते है। जबकि इस मुद्दे का दूसरा पहलू यह भी है कि जहां वेट लिफ्टिंग से हम मसल्स बनाते है वहीं, एक्सरसाइज न करने की वजह से बॉडी फैट के साथ ही मसल्स को भी खो देते है। इसलिए कैलोरीज को बर्न करने और मसल्स को बनाए रखने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरुरी है।

Story first published: Monday, May 8, 2017, 17:00 [IST]
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