Latest Updates
-
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा -
धनतेरस के 21 शुभकामना संदेश: घर की लक्ष्मी के त्योहार को बना देंगे स्पेशल -
धनतेरस समृद्धि का स्वागत करने का दिन, लेकिन घर में शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी: ज्योतिषी रिन्ही सुबरवाल -
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग
सूजी हुई नसों में आराम देगी हरे टमाटर से बनी यह प्राकृतिक दवा
आज हम यहां एक प्राकृति दवा के बारें में बताने जा रहे है जो कि इन सूजी हुई नसों को कम करने में मददगार है।
बढ़ती उम्र के साथ हमें बहुत सी चिंताएं सताने लगती है। क्योंकि एक ओर जहां बढ़ती उम्र में हमारी एनर्जी कम होती जाती है तो वहीं बीमारियां भी हमें घेरना शुरू कर देती है।
हालांकि इंसान जिंदगी के किसी भी पड़ाव पर बीमार हो सकता है। लेकिन जब हम जवां होते है तो हमारा इम्युन सिस्टम अच्छे से डेवलप नहीं होता इसलिए हम छोटी-छोटी बीमारियों के चक्कर में आ जाते है।
जबकि वहीं उम्र के बढ़ने के साथ हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और कोशिकाएं फिर से बनने लगती है।

इसी कारण एजिंग से जुड़ी समस्याएं होने लगती है। जैसे कि डायबिटीज, हायपरटेंशन, हार्ट डिजीज, ज्वाइंट पेन इत्यादि। इसी तरह उम्र के 50 वें पड़ाव पर 'वैरीकोस वेंस' यानी कि सूजी हुई नसों कि समस्या भी शुरू हो जाती है। नसों कि यह समस्या आमतौर पर महिलओं में ज्यादा देखी जाती है।
असल में सूजी हुई इन नसों का कारण होता है, नसों का घटना व बढ़ना या फिर नसों में जरूरत से ज्याद खून का जमा होना। जिस जगह नसें सूज जाती है वहां कि त्वचा उभरी हुई और खुरदुरी महसूस होती है।

साथ ही इस बीमारी के लक्षण भी देरी में समझ आते है। हालांकि इन सूजी हुई नसों कि वजह हाई ब्लड प्रेशर भी हो सकता है। लेकिन अगर इन्हें वक्त रहते जांचा और परखा नहीं गया तो सर्जरी कि नौबत तक आ सकती है।
इसलिए आज हम यहां एक प्राकृति दवा के बारें में बताने जा रहे है जो कि इन सूजी हुई नसों को कम करने में मददगार है।
ऐसे तैयार करे यह प्राकृतिक दवा
हरे टमाटर - 2 मीडियम साइज के
शहद- 1 टेबिलस्पून

इन दोनों चीजों से मिलकर तैयार हुआ मिक्चर इन सूजी हुई नसों के लिए बहुत कारगार साबित हुआ है। बस जरूरत है कि इसे रोज सही मात्रा में लिया जाए। हरे टमाटरों में प्राकृतिक रूप से एल्कालोइड सोलानी नामक तत्व मौजूद होता है। जिससे ब्लड क्लोथ यानी कि खून के थक्के प्राकृति रूप से ठीक हो जाते है इसलिए इन्हें सूजी हुई नसों के उपचार के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा इनमें पाए जाने वाले न्युट्रियंट्स नसों को और मजबूत बनाते है। साथ ही ध्यान रखें कि जिन्हें डायबिटीज और हायपरटेशन जैसी बीमारी है और बॉडी में ऐसी सूजी हुई नसें हो तो तुरंत डॉक्टर कि सलहा लेना न भूले।

विधि
सबसे पहले सभी टमाटरों और शहद को मिलाकर पानी के साथ मिक्सी में पीस लें। अब इस तैयार मिक्सचर को सवेरे नाश्ते से पहले पिएं। आप चाहें तो आप हरे टमाटरों के छिलकों को भी इन सूजी हुई नसों पर मल सकते है। इतना ही नहीं इस मिक्चर के जरिए मोटापा भी कम किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
