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एचआईवी / एड्स की बीमारी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं, क्योंकि यह एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है, साथ ही इससे व्यक्ति ज्यादा दिन तक ज़िंदा नहीं रहता है। और इसका पता भी तब चलता है जब यह बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। एड्स ऐसी बीमारी है जो एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी) इस बीमारी की पहली स्टेज है जबकि एड्स (एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम) इस बीमारी की आखरी स्टेज है। एचआईवी होने के 12 लक्षण
यह वायरस हेल्थ को धीरे-धीरे संक्रमित करता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। शरीर बैक्टीरिया वायरस से मुकाबला करने की क्षमता खोने लगता है। जिससे शरीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है। शरीर प्रतिरोधक क्षमता 10 से 12 सालों के लिए ही सिमित हो जाती है। इस स्थिति को ही एड्स कहा जाता है। एड्स वायरस को रेट्रोवायरस कहा जाता है।

कारण:
एचआईवी एक रेट्रोवायरस है जो शरीर के अंगों को संक्रमित करता है। और अगर एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी ना दी जाए तो यह वायरस और बढ़ जाता है। यही नहीं वायरस के बढ़ने की उम्मीद व्यक्ति की उम्र, सेहत, उसके साथ होने वाले संक्रमण का होना और उसके परिवार की बिमारियों से पता चलता है। इसके साथ ही इस बीमारी के कुछ मुख्य कारण भी हैं जैसे

1. यौन संबंध :
एड्स के फैलने का सबसे मुख्य कारण ऐसे साथी के साथ यौन संबंध बनाने से है जो पहले से ही इससे संक्रमित हो। इसलिए आप सिर्फ अपने साथ के साथ ही शारीरिक संबंध बनायें। साथ ही यह योनि, ओरल और एनल सेक्स या एचआईवी से संक्रमित किसी व्यक्ति के सेक्स टॉय के इस्तेमाल करने से भी एड्स होता है।

2. माँ से उसके होने वाले बच्चे को :
बच्चा ऐसी माँ के गर्भ से जन्म लें जिसे ये संक्रमण ना हो पर वो स्तनपान किसी ऐसी माँ का करें जो एड्स से संक्रमित हो। तो इस स्थिति में भी बच्चे को एड्स हो जाता है। ऐसा ज्यादातर उन बच्चो के साथ होता है जिनकी माँ उन्हें जन्म देने के बाद मृत्यु को प्राप्त हो जाती है।

3. संक्रमित रक्त:
अगर आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति को रक्तदान कर रहे हो तो आप पहले अपने खून की भी जांच करा लें क्योकि अगर आपके खून में एचआईवी पॉजिटिव होता है तो आपके खून से उस व्यक्ति को भी एड्स हो जायेगा।

लक्षण
• सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द
एचआईवी के शुरुआती लक्षण शरीर में वायरस जाने के एक हफ्ते के भीतर दिखाई देते हैं। इसके साथ सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों, चकत्ते और साँस का फूलना है। यह सारे लक्षण 2 से 3 सप्ताह के भीतर गायब हो जाते हैं।

• थकान, शरीर के वजन में कमी
इसके बाद के लक्षण कुछ साल बाद दिखते हैं। इसमें थकान, शरीर के वजन में कमी, बुखार, शरीर के अंग सुन्न पढ़ जाना, कुछ भी निगलते वक़्त गले दर्द होना, मुंह में घावों और रात में पसीना आना।

• ढेर सारे फल और सब्जियां खाएं
सब्जियां, फलियां, और फल युक्त आहार खाएं। कोशिश करें ऐसा आहार खाएं जिससे आपको ऊर्जा मिले।

• फैट और कार्ब शामिल करें
आपने आहार में प्रति दिन फैट और कार्बोहाइड्रेट खाएं जिसमें खूब साडी सब्ज़िया हो। इसके साथ कैल्शियम और लो फैट प्रोटीन जैसे मछली, चिकन, कम फैट वाली चीज़ रोज़ आहार में खाएं।

• कैलोरी बढा दें
अगर आपका वजन कम हो रहा है तो रोज़ 17-25 कैलोरी पर पाउंड का सेवन करें।

• विटामिन और मिनरल्स भी लें
एचआईवी वायरस सबसे पहले शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करता है तो इसके लिए अपने आहार में विटामिन और मिनरल्स ज्यादा खाये। इसके लिए आप अंडे, दूध, मूंगफली, हरी सब्जियां, मांस, सेम और ब्रोकॉलिस जैसे आहार का सेवन कर सकते हैं।

यदि आप एचआईवी से पीड़ित हैं, तो आप को कुछ खाद्य पदार्थों से दूर रहना होगा
• अपने आहार में फैट की मात्रा कम कर दें
• शराब का सेवन बंद कर दें
• फास्ट फूड से खाने से बचे
• चीनी से बने खाद्य पदार्थ का सेवन बंद कर दें।
और साथ अपने डॉक्टर को नियमित रूप से दिखते और सलाह लेते रहें।



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