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गर्दन में लिम्फ नोड के सूजन को इन 12 उपायों की मदद से करें कम
हम अपने शरीर में मौजूद लिम्फ नोड्स और लिम्फैटिक सिस्टम के महत्व को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इसकी बजाय हम अपने हृदय, पेट और ब्रेन जैसे सिस्टम की ज्यादा देखभाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यदि शरीर में लिम्फैटिक सिस्टम न हो तो हम ढेरों बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे और फिर इससे उबरना काफी मुश्किल भी हो सकता है।
इसका कारण यह है कि 600 लिम्फ नोड्स और लिम्फ वेसल्स के नेटवर्क से बना यह जटिल सिस्टम हमारे ब्लड से व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लाज्मा को शरीर के सभी ऊतकों में पहुंचाने का कार्य करता है। यही कारण है कि जब हमारा शरीर इन्फेक्शन से प्रभावित होता है तो आमतौर पर हमें बुखार हो जाता है और संक्रमित एरिया के लिम्फ नोड में सूजन आ जाती है जिसे छूने पर दर्द महसूस होता है।
इसे मेडिकल की भाषा में लिम्फाडेनिटिस कहा जाता है। ज्यादातर इस इन्फेक्शन के इलाज के लिए डॉक्टर की परामर्श पर मरीजों को एंटीबायोटिक्स दिया जाता है। लेकिन एंटीबायोटिक पर प्रतिबंध लगने के कारण आजकल लोग एलोपैथिक इलाज कराने लगे हैं इसके अलावा वे प्राकृतिक उपचार का भी सहारा ले रहे हैं क्योंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
अगर आपको लगता है कि हर्बल उपचार एंटीबायोटिक दवाओं से ज्यादा बेहतर होता है तो इस आर्टिकल में हम आपको गले के लिम्फ नोड में सूजन के प्राकृतिक उपचार के बारे में बताने जा रहे हैं।

बर्फ से सिंकाई करें :
एक मोटा कपड़ा लें और इसके बीच में बर्फ के कुछ टुकड़े रखकर इसे अच्छी तरह से बांध लें। इसके बाद इसे फर्श पर पटक कर बर्फ के छोटे टुकड़े कर लें। इसके बाद इस बंडल को सूजे हुए लिम्फ नोड के ऊपर घूमाएं। बर्फ से सूजन और दर्द कम होगा। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि तीस सेकेंड से ज्यादा बर्फ से सिंकाई न करें क्यों कि अधिक ठंडक की वजह से आपकी स्किन सुन्न हो सकती है

कुचली हुई लहसुन की कलियां खाएं :
हालांकि यह सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा लेकिन लहसुन में एंटी माइक्रोबियल गुण होने के कारण यह काफी पावरफुल औषधीय यौगिक है। लहसुन की दो या तीन कलियों को क्रश कर लें और इसे कच्चा ही खाएं क्यों कि पकाने के बाद इसके औषधीय गुण नष्ट हो जाते हैं।

विटामिन सी लें :
विटामिन सी हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है और संक्रमण से शरीर की रक्षा करता है। इसके अलावा वह ब्लड में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या को बढ़ाता है।
लेकिन चूंकि लिम्फ नोड्स में सूजन संक्रमण का सबसे बड़ा लक्षण है इसलिए विटामिन सी का नियमित सेवन भी इसे ठीक करने में मदद नहीं करती है।
इसलिए इसके बजाय आपको विटामिन सी का मेगा डोज ( वयस्क के लिए लगभग 4 ग्राम) या तो विटामिन सी सप्लिमेंट्स से या खट्टे फलों जैसे संतरा, स्ट्राबेरी और पाइनएप्पल का सेवन करना चाहिए।

मैनुका शहद का सेवन :
मैनुका शहद न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में मानेका बुश के रस से मधुमक्खियों द्वारा निर्मित एक विशेष प्रकार का शहद है। अब तक इंसानों द्वारा खोजी गई शहद में यह सबसे सर्वोत्तम शहद है। कच्ची शहद के मुकाबले यह काफी बेहतर होती है क्योंकि इसमें पावरफुल एंटीमाइक्रोबियल एजेंट पाये जाते हैं। स्टडी में यह पाया गया है यह शरीर में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमणों से भी लड़ने में सक्षम है। यही कारण है कि मनूका शहद लिम्फ नोड्स में सूजन को कम करने में काफी मददगार है।

कस्टर ऑयल का प्रयोग :
कस्टर ऑयल एक गाढ़ा तेल होता है और इससे बाल तेजी से बढ़ते हैं। लेकिन इसके अलावा इसमें एंटी इनफ्लैमेटरी और पेन किलर के गुण भी मौजूद होते हैं।
लिम्फ नोड्स के सूजन को कम करने के लिए तेल को सूजे नोड्स पर लगाकर पांच मिनट तक मालिश करें। इसके बाद एक तौलिए को गुनगुने पानी में भिगोकर इसे अच्छी तरह से निचोड़ लें और तेल लगी जगह पर इसे दस मिनट तक बिछाकर रखें और इसके बाद गुनगुने पानी से तेल साफ कर लें। इस प्रक्रिया को रोजाना दो बार करें इससे हफ्ते भर में राहत मिल जाएगी।

नींबू पानी पीएं :
नींबू पानी पीने से शरीर को विटामिन सी मिलता है। नींबू को एक गिलास गुनगुने पानी में निचोड़ें। इसमे चीनी या नमक न मिलाएं। इस घोल को एक बार सुबह और एक बार रात में पीएं।

स्पायरुलीना का सेवन करें :
स्पायरुलीना समुद्र में पाए जाने वाला नीले-हरे शैवाल का एक प्रकार है, जो आमतौर पर पाउडर के रूप में खाया जाता है। इसे "सुपर फूड ऑफ फ्यूचर " भी कहा जाता है क्योंकि इसमें 55 - 70% प्रोटीन, 8 आवश्यक अमीनो एसिड, विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स, आयरन और कैल्शियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही कारण है कि स्पायरुलीना को कैप्सूल के रूप में लेने से लिम्फ नोड्स के सूजन के इलाज में मदद मिलती है।

एप्पल साइडर विनेगर :
ऐप्पल साइडर विनेगर साधारण विनेगर की तरह नहीं है इसमें एसिटिक एसिड (सिरके का रासायनिक नाम) अधिक होता है। ये यौगिक शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट कर शरीर को सुरक्षा प्रदान करते हैं। आप इसे शहद के साथ या एक गिलास पानी में 2 चम्मच विनेगर मिलाकर उपयोग कर सकते हैं। जल्द लाभ पाने के लिए इसे तीन बार खाएं।

अदरक का सेवन :
अदरक में हल्दी के समान ही गुण मौजूद होते हैं और इन दोनों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। लिम्फ नोड के सूजन को कम करने के लिए दिन में कम से कम दो बार अदरक की चाय पीएं।

गर्म टी बैग से सिंकाई करें :
उबले हुए टी बैग से सूजे हुए जगह पर सिंकाई करने से सूजन कम होती है। इसे दिन में तीन बार आजमाएं।

कैमोमाइल चाय पीएं :
कैमोमाइल चाय में शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। इस चाय का सेवन रोजाना करने से स्ट्रेस कम होता है। दिन में दो बार चाय पीने से शरीर का इम्यून सिस्टम बेहतर होता है।

मसाज करें :
हल्के मसाज से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है इससे शरीर की अशुद्धियां भी दूर होती हैं और सूजन भी कम होती है



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