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ओवेरियन सिस्ट (Cysts) से छुटकारा पाने के लिये घरेलू उपचार
ओवरी (अंडाशय), महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम का एक अहम हिस्सा होती हैं, यहीं पर अंडो तथा हार्मोन्स का निर्माण होता है, जो शुक्राणु के साथ मिलकर भ्रूण का निर्माण करते हैं। महिला के शरीर में दो ओवरी होती हैं जो गर्भाशय के दोनों छोरों पर स्थित होती हैं।
महिलाओं को तो वैसे कई हेल्थ प्रॉब्लम से जूझना पड़ता है लेकिन जो आज कल आम बीमारी है वह है, ओवरी मे सिस्ट होने की। कभी-कभी, ओवरी की भीतरी सतहों पर पानी से भरी थैलियां सी बन जाती हैं, जिन्हें सिस्ट कहा जाता है

ओवरी में सिस्ट कई कारण से हो सकती है, यह कारण शरीर के अंदर और बाहर दोंनो वजह पर निर्भर करता है। वे महिलाएं जो स्मोकिंग करती हैं, हार्मोन में गड़बड़ी या जिनके पीरियड्स रेगुलर नहीं है आदि उन्हें ओवरी में सिस्ट होने की समस्या पैदा हो सकती है।
आपको बता दें कि बेहद कम लेकिन ऐसे मामले भी देखने को मिलते हैं, जिनमें यही सिस्ट बढ़ते-बढ़ते कैंसर में परिवर्तित हो जाती है और यदि इन थैलियों में तरल भरा हो तो इनसे कैंसर होने की आशंकाएं और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं।

1. अदरक
अध्ययन के अनुसार, अदरक एक शक्तिशाली मसाला है जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। यह शरीर का तापमान भी बढ़ा सकता है और पीरियड्स लाने में मदद कर सकता है जिससे ओवरी की सिस्ट निकल सकती है।

2. एपसॉम नमक:
एपसॉम नमक से बंधी पोटली को पानी में डाल कर स्नान करने से ओवरी की सिस्ट से पैदा होने वाले दर्द को कम करने में मदद मिलती है। इस नमक में मैग्नीशियम सल्फेट होता है जो शरीर से दर्द को खींचता है।

3. अलसी के बीज:
अलसी के बीज भी आपके शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को संतुलित कर सकते हैं। यह शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं।

4. कैमोमाइल चाय:
कैमोमाइल चाय आपको बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। यह चाय ओवरी की सिस्ट के इलाज में मदद करता है। इस चाय की गर्मी गर्भाशय और पैल्विक क्षेत्रों में रक्त के प्रवाह को बढ़ा सकता है।

5. एपल साइडर सिरका:
ऐप्पल साइडर सिरका पोटेशियम की कमी से होने वाली सिस्ट को कम करने में मदद करता है। इसलिए, यह ओवरी सिस्ट के लिए सबसे अच्छे प्राकृतिक घरेलू उपायों में से एक है।

6. बादाम:
बादाम मैग्नीशियम का एक बड़ा स्रोत है, जो ओवरी सिस्ट के कारण दर्दनाक ऐंठन को कम करने में मदद करता है। यह ओवरी सिस्ट के गठन को रोकने में भी मदद करता है।

7. पीने के पानी की मात्रा बढ़ाएं:
पानी पीना वैसे भी बहुत अच्छी बात है। जब आपकी ओवरी में सिस्ट होते हैं, तो आपको पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए। पानीपेट में दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।

8. जड़ी-बूटीयां-
कई महिलाओं को ये समस्या हारमोन्स के असंतुलन की वजह से होती है। ऐसे में हर्ब्स बहुत ही सहायक होती हैं। अलसी, तिल आदि का सेवन लाभकारी होता है और ये उस सिस्ट हो खत्म कर देते हैं। साथ ही नए सिस्ट को बनने से रोकते हैं।

9. चुकंदर
चुकंदर में बीटासायनिन होता है जो कि दर्द में राहत देता है। साथ ही इसमें एल्काइन एजेंट भी होते हैं जो सिस्ट में बहुत प्रभावी होते हैं। आपको रोजाना अपने सलाद में चुकंदर जरुर खाना चाहिये। यह महिलाओं को एनीमिया से भी राहत दिलाता है।

10. कैस्टर ऑयल पैक
ओवेरियन सिस्ट के लिए कैस्टर ऑयल पैक एक ऐसा उपचार है जो कई वर्षों से अपनाया जा रहा है। कैस्टर ऑयल शरीर से अतिरिक्त टिशू और टॉक्सिन्स को अलग कर देता है। जिससे ओवेरियन सिस्ट की समस्या दूर होती है। इसके लिए आप एक कपड़ा लें और उसे मोड़कर तीन चार परतों का बना लें। इस कपड़े में दो चम्मच कैस्टर ऑयल डालें। इसे पेट पर रखें और उसके ऊपर हॉट वॉटर बॉटल रखकर तौलिये की मदद से पेट को कवर कर लें। 30 मिनट के लिए इसे लगाए रखें। ऐसा तीन महीने तक हफ्ते में तीन बार करें।



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