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जानिए पित्त की पथरी होने पर आप क्या खाएं और क्या नहीं
गॉल ब्लैडर एक गंभीर समस्या है। इससे पीड़ित लोगों को सही देखभाल की बहुत जरूरत होती है। आपको बता दें कि इस समस्या से राहत पाने के लिए बेहतर खानपान भी अहम रोल निभाता है।
गॉल ब्लैडर एक गंभीर समस्या है। इससे पीड़ित लोगों को सही देखभाल की बहुत जरूरत होती है। आपको बता दें कि इस समस्या से राहत पाने के लिए बेहतर खानपान भी अहम रोल निभाता है। वास्तव में खाने की कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें इस रोग से पीड़ित लोगों को नहीं खानी चाहिए। हालांकि कुछ चीजें उनके लिए बेहतर हैं।
गॉल ब्लैडर क्या है?
यह एक थेली होती है, जो आपके लीवर के नीचे होती है। यह लीवर से निकलने वाले बाइल यानि पित्त को स्टोर करती है। आमतौर पर, पित्ताशय की थैली से कोई समस्या नहीं होती है लेकिन अगर किसी वजह से बाइल का प्रवाह बाधित होता है, तो इससे आपको गैलेस्टोन यानि पित्त की पथरी और कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं। वजन में बदलाव के अलावा, जेनेटिक ट्रेसेस और डायट गॉल ब्लैडर के कारण हो सकते हैं।

आपको कैसे पता चलेगा कि आपको पित्त की पथरी है?
पित्त की पथरी से पीड़ित लोगों को पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द हो सकता है। यह दर्द तेज और लगातार होता है। आपको मतली और उल्टी भी हो सकती है। कई मामलों में बुखार और ठंड भी लग सकती है। इसके अलावा पॉटी का कलर हल्का हो सकता है और पेशाब का रंग पीला हो सकता है।
पित्त की पथरी होने पर ये चीजें ना खाएं
इस रोग से पीड़ित लोगों को उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि तला हुआ भोजन, फ्राइड चिप्स, उच्च वसा वाला मांस जैसे बीफ और पोर्क, डेयरी उत्पाद जैसे क्रीम, आइसक्रीम, पनीर, फुल-क्रीम दूध से बचना चाहिए। इसके अलावा चॉकलेट, तेल जैसे नारियल तेल से बचा जाना चाहिए। मसालेदार भोजन, गोभी, फूलगोली, शलजम, सोडा और शराब जैसी चीजों से एसिडिटी और गैस का खतरा होता है, इसलिए ये चीजें भी ना खाएं।
इन चीजों को डायट में करें शामिल
आपको अपने खाने में लाइट और आर्गेनिक फूड्स ही शामिल करने चाहिए। एवोकेडो आपके लिए सबसे बेहतर चीज है। इसके अलावा आप अपनी डायट में चुकंदर, पपीता, सेब, भिंडी, शकरकंद, प्याज, सैमन मछली जैसे आदि शामिल कर सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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