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इन 6 कारणों से उच्च रक्तचाप के लिए फायदेमंद है हल्दी
उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिससे देश में ज्यादातर लोग पीड़ित हैं। उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है जिसकी वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी में समस्या जैसी हृदय से जुड़े कई रोग हो सकते हैं। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराकर इसे सामान्य लेवल में रखना बहुत जरूरी होता है।

ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने के लिए एक्सरसाइज और डाइट ये दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा हल्दी एक ऐसा मसाला है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए फायदेमंद होता है। इसके बहुत से औषधीय गुण के कारण आयुर्वेद में भी इसका उपयोग किया जाता है।

1. ब्लड प्रेशर कम करने में
हल्दी में कुरकुमिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को घटाने में मदद करता है। एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण ही यह शरीर में ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में प्रभावी होता है। इसके अलावा कुरकुमिन संवहनी रोगों से भी शरीर की रक्षा करता है।

2. धमनी को डैमेज होने से बचाने में
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के अलावा हल्दी उच्च रक्तचाप के कारण होने वाले डैमेज से बचाने में भी मदद करती है। हृदय से जुड़ी समस्याओं का एक मुख्य वजह धमनियों में प्लाक का जमा हो जाना होता है। प्लाक धमनियों को संकुचित कर देते हैं और हृदय, मस्तिष्क, और शरीर के अन्य हिस्सों में रक्त के प्रवाह को कम कर देते हैं। हाई ब्लड प्रेशर के कारण धमनियों की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती है और एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल धमनियों की दीवारों पर प्लाक के रूप में जमा होने लगता है। हल्दी में मौजूद कुरकुमिन धमनियों की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाने में मदद करती है।

3. उच्च रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के अलावा हल्दी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये दोनों समस्याएं हृदय रोगों पैदा करने के कारण होते हैं। कुरकुमिन में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो इन समस्या से प्रभावी रूप से लड़ता है।

4. ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में
हल्दी में एंटी-इंफ्लैमेटरी गुण पाया जाता है, यही कारण है कि मसालों में इसकी उपयोगिता बहुत लोकप्रिय है। कुरकुमिन में सूजनरोधी गुण होता है जो हाइपरटेंशन से बचाने में मदद करता है। शरीर में सूजन होना खतरनाक है क्योंकि यह हृदय की धमनियों को कठोर कर सकता है जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। नियमित हल्दी का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

5. प्लेटलेट कम होने से बचाने में
उच्च रक्तचाप के कारण खून में प्लेटलेट की संख्या में परिवर्तन हो जाता है। रक्तचाप में लगातार परिवर्तन होने से प्लेटलेट्स अतिसक्रिय हो जाते हैं। इसके कारण धमनियों में थक्का बनने लगता है, जो हृदय से शरीर के अन्य भागों में खून की सप्लाई को बंद कर देता है। लेकिन स्टडी दावा करती है कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण प्लेटलेट की संख्या में परिवर्तन को हल्दी के सेवन से बचाया जा सकता है।

6. हल्दी एसीई एंजाइम को रोकती है :
हल्दी एंजियोटेन्सिन कनवर्टिंग एंजाइम को रोकने में बहुत सहायक होती है। यह एंजाइम रक्त वाहिनियों को संकुचित कर देता है। हल्दी एसीई को रोककर रक्त वाहिनियों को आराम पहुंचाने में मदद करती है और रक्तचाप को नियंत्रित करती है। यह जानना दिलचस्प हो सकता है की ब्लड प्रेशर की ज्यादातर दवाएं एक ही तंत्र के माध्यम से कार्य करती हैं।

हल्दी का सेवन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अधिक मात्रा में हल्दी का सेवन करने से परहेज करना चाहिए अन्यथा यह इससे पेट गड़बड़ हो सकता है। अधिक हल्दी के सेवन से अल्सर भी हो सकता है। जो व्यक्ति पित्त के स्टोन से पीड़ित हों उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही हल्दी का सेवन करना चाहिए।
इसके अलावा हल्दी शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को घटा सकती है, इसलिए यदि आप डायबिटीज के मरीज हों तो आपको अधिक हल्दी नहीं खाना चाहिए। हल्दी ब्लड को पतला भी कर सकता है इसलिए सर्जरी से पहले हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए।



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