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प्रेशर कुकर या कड़ाही, किसमें खाना बनना होता है हेल्दी?

इंस्टेंट कुकिंग के लिए प्रेशर कुकर सबसे बढि़या विकल्प है, झटपट और मिनटों में खाना तैयार। प्रेशर कुकर हर घर के किचन में आसानी से मिल जाता है। वहीं, कड़ाही में खाना बनने में काफी समय लगता है। इसलिए समय बचाने की जुगत में महिलाएं घर में प्रेशर कुकर में खाना बनाना पसंद करती है।
लेकिन शायद आपको मालूम नहीं होगा कि जिस प्रेशर कुकर में आप खाना बनाती हैं उसका असर सेहत पर भी पड़ता है।

क्या आपको मालूम है कि प्रेशर कुकर से ज्यादा कड़ाही में खाना बनाना सेहत के हिसाब से ज्यादा हेल्दी ऑप्शन है। आज हम आपको यही बताएंगे कि प्रेशर कुकर में खाना बनाना सही है या फिर कढ़ाई में।
ऐसे काम करता है प्रैशर कुकर?
प्रेशर कुकर से भाप बाहर नहीं निकल पाती और तेज आंच के कारण पानी का उबलने का समय बढ़ने से कुकर के अंदर का दबाव भी बढ़ने लगता है। इसी वजह से भांप बनने लगता है जो खाद्य पदार्थ पर दबाव डालकर उन्हें जल्दी पका देती है। यही कारण है कि प्रेशर कुकर में खाना जल्दी पक जाता है।
प्रेशर कुकर में बना खाना सेहतमंद है?
प्रेशर कुकर में खाना बनाने के लिए गैस भले ही कम इस्तेमाल हो लेकिन इस दौरान कुकर के अंदर ज्यादा गर्मी होने से भोजन के आवश्यक तत्व नष्ट हो जाते है। यही कारण है कि प्रेशर ककुर के मुकाबले कड़ाही में पका हुआ खाना ज्यादा सेहतमंद और स्वादिष्ट होता है।
खुले बर्तन में खाना कैसे पकता है?
कड़ाही में खाना बनाने पर खाना खुला होता है और इस वजह से नमी जल्दी खो जाती है। खाना सूख जाता है। कड़ाही में खाना बनाने पर खाना पकाने में टाइम ज़्यादा लगता है और नमी बनी रहती है। इससे खाने का स्वाद बरकरार रहता है। अगर पैन या कड़ाही को ढक दिया जाए तो यह प्रेशर बनाकर खाना पकाता है।
सावधानी से करें बर्तन का चुनाव
बर्तन बनाने के लिए एल्यूमीनियम, तांबा, लोहा, सीसा, कॉपर, स्टेनलेस स्टील, और टेफलोन का इस्तेमाल किया जाता है। भोजन पकाते समय बर्तनों का ये मैटीरियल भी खाद्य पदार्थ के साथ मिक्स हो जाता है, जोकि सेहत के लिए खतरनाक है। इसलिए खाना बनाने के लिए तांबे, स्टील, लोहा और पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल करें। पुराने जमाने में घरों में तांबे, लौहे और पीतल के बर्तनों में ही खाना बनाया जाता था क्योंकि इससे शरीर को आवश्यक तत्व की पूर्ति होती थी।
खाना कुकर में बनाएं या कड़ाही में?
प्रेशर कुकर में बहुत तेज़ आंच के कारण पानी जल्दी गर्म होकर भाप बनकर प्रेशर बन जाता है। यह खाना बनाने का बंद तरीका है जिसमें बाहरी हवा खाने को नहीं छू पाती। इस वजह से कुकर के अंदर का सामान या तो कच्चा रह जाता है या इसके पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते है। सामान के कच्चे रह जाने से अपच की समस्या हो सकती है। दूसरी तरह खुले बर्तन में खाना पकाने से न्यूट्रिएंट्स बचे रहते हैं। विटामिन और मिनरल्स खाने में बरकरार रहते हैं। कड़ाही में पका खाना पचाने में आसान होता है। सबसे खास बात जो प्रेशर कुकर को हेल्थ के लिए हानिकारक बनाती है वह यह है कि अधिकतर प्रेशर कुकर एल्यूमिनियम के बने होते हैं जो खाना पकाने के दौरान भोजन में मिलकर हमारे शरीर में पहुंच जाता है। यह बेहद नुकसान दायक है।
हेल्दी खाना पकाने के टिप्स
भोजन पकाने से पहले किचन को अच्छी तरह से साफ कर लें। क्योंकि किचन में कई तरह के कीटाणु होते हैं, जोकि खाने के जरिए आपके शरीर में जाकर आपको बीमार कर सकता है।
खाना बनाने के लिए जैतून या सरसों के तेल का ही प्रयोग करें। इसके अलावा खाने में 3 चम्मच से ज्यादा तेल न डालें और बढ़ती उम्र के साथ तेल का कम सेवन करें।
अगर आप वजन को कंट्रोल में करना चाहते हैं तो भोजन में घी का कम इस्तेमाल करें और खाने को ज्यादा स्टीम में पकाएं। खाने में पौष्टिक तत्वों की पूर्ति के लिए इसे लौहे, पीतल और तांबे के बर्तन में ही पकाएं।
इस बात का ख्याल रखें कि भोजन उचित तापमान पर पकाएं। प्रेशर कुकर का इस्तेमाल कम करें क्योंकि उससे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा सब्जियों को बार-बार गर्म करके न खाएं।
मसालों का पूरा स्वाद लेना चाहते हैं तो खाना बनाते समय उसमें नमक डाल दें। बाद में नमक डालने से मसालों का टेस्ट चला जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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