कभी पी है आपने चमेली की चाय, इसके फायदे सुन आप भी इसे पीने लगेंगे

भारत एक ऐसा देश है जहां कई तरह की चाय का सेवन किया जाता है और यहां चाय पीने वालों की संख्‍या भारी है। यहां ग्रीन टी, ब्लैक टी आदि का सेवन किया जाता है। ऐसे में आज हम आपको एक खास चाय के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपने शायद कभी नहीं पी होगी। जी हां, हम बात कर रहे हैं जैसमिन टी की। ग्रीन टी की तरह ही जैस्मिन टी भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इस खास तरह की चाय से हमें ऊर्जा, ताजगी और वजन कम करने में मदद मिल सकती है। इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं।

क्या है जैस्मिन टी

क्या है जैस्मिन टी

जैस्मिन टी का रूप सामान्य तौर पर ग्रीन टी पर आधारित है। वो बात अलग है कि इसका इस्तेमाल कभी-कभी व्हाइट और ब्लैक टी में भी किया जाता है। इस टी को सुगंधित करने के लिए चमेली के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। यह टी चीन में काफी पसंद की जाती है। फ़िटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैस्मिन टी, ग्रीन टी की तुलना में सेहत के लिए काफी अच्छी मानी जाती है।

वेटलॉस करे

वेटलॉस करे

जैस्मिन टी का सेवन करने से वजन कम किया जा सकता है। कई अध्ययनों में ये सामने आया है कि जैस्मिन टी मेटाबॉलिज्म को करीब पांच प्रतिशत तक बढ़ाकर मोटापे को कम करने में मददगार साबित है। रोजाना इसका सेवन कर बढ़ते वजन को कम किया जा सकता है।

स्किन के ल‍िए फायदेमंद

स्किन के ल‍िए फायदेमंद

जैस्मिन टी में पॉलीफेनोल्स यौगिक है और यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर कार्य करता है। रोजाना इस टी का सेवन करने से फ्री रेडिकल डैमेज से बचा जा सकता है। इसके साथ ही ये त्वचा को स्वस्थ्य बनाए रखने में सहायाता करता है।

अल्जाइमर रोगियों के लिए भी फायदेमंद

अल्जाइमर रोगियों के लिए भी फायदेमंद

जैस्मिन टी के सेवन से अल्जमाइमर और पार्किंसंस रोग से होने वाले खतरों से बचा जा सकता है। शोध के अनुसार जो लोग रोजाना जैस्मीन टी का सेवन करते हैं, उनमें अन्य लोगों की तुलना में अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग से होने वाला खतरा 15 प्रतिशत तक कम रहता है।

टाइप-2 मधुमेह का खतरा करता है कम

टाइप-2 मधुमेह का खतरा करता है कम

जैस्मिन टी का रोजाना सेवन करने से टाइप-2 मधुमेह के रोगियों को होने वाला खतरा कम हो जाता है। पूरे विश्व में लगभग 42.3 करोड़ से ज्यादा लोग टाइप-2 मधुमेह के रोगी है। 12 अध्ययनों के अनुसार नियमित तौर पर रोजाना 3 कप जैस्मीन टी का सेवन करने वाले लोगों में टाइप-2 मधुमेह का खतरा करीब 16 प्रतिशत तक कम है। जैस्मिन टी से ब्लड शुगर के स्तर को कम किया जा सकता है।

कैसे बनाई जाती है जैस्मिन टी

कैसे बनाई जाती है जैस्मिन टी

आमतौर पर जैस्मिन टी को बनाने के लिए ग्रीन टी की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, बाजारों में भी ये टी बेहद आसानी से मिल जाती है। इसे बनाने के लिए आपको सबसे पहले एक पतीले में पानी गरम करें। इसके बाद इसमें जैस्मिन ग्रीन टी की कुछ पत्तियां या फिर इसके पाउच को डालकर मिला दें। 1 से 2 मिनट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ने के बाद इसका सेवन करें।

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