थायराइड के कारण तेजी से बढ़ रहा है वजन, इस हेल्दी बूस्टिंग सूप को डाइट में करें शामिल

थायराइड के कारण कई लोगों को मोटापे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। थायराइड आपके लाइफस्टाइल में होने वाले बदलाव के कारण होती है। थायराइड बीमारी का असर सबसे ज्यादा महिलाओं पर देखने को मिल रहा है।

थायराइड आपके गले में एक तितली के आकार की ग्रंथी होती है जो हार्मोन्स बनाती है। इतना ही नहीं शरीर में आयोडीन, सेलेनियम और जिंक की मात्रा घटने से थायराइड की समस्या पैदा होती है। ऐसे में आप अपनी किचन में मौजूद चीजों के सेवन से थायराइड को कंट्रोल करने में मददगार है। आज हम आपके लिए ऐसे ऐसी सूप रेसिपी लेकर आए हैं जिसे थायराइड के मरीज अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं रेसिपी, और इस सूप को पीने के हेल्थ बेनिफिट्स...

soup

थायराइड हेल्थ बूस्टिंग सूप रेसिपी

सामग्री -
* गाजर - 1
* मसूर दाल धोकर भिगोई हुई - 2 बड़े चम्मच
* घी - 1 चम्मच
* नमक - स्वादानुसार
* काली मिर्च - एक चुटकी

सूप बनाने की विधि -

1. थायराइड हेल्थ बूस्टिंग सूप बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन को गैस पर मीडियम आंच पर रख कर घी डाल दें।

2. घी गर्म होने के बाद इसमें कटी हुई गाजर डालकर एक मिनट तक फ्राई करें।

3. जब गाजर हल्के फ्राई हो जाए तो इसमें नमक और काली मिर्च डालकर मिक्स कर दें।

4. अब इसमें लाल मसूर दाल और पानी डालकर अच्छी तरह उबाल लें। आप इसे कम से कम 10 मिनट तक कुकर में डालकर सीटी लगाएं।

5. जब सूप पक जाए तो इसे तब तक ब्लेंड करें जब तक यह एक अच्छा पेस्ट न बन जाए।

6. अब इसे एक कटोरे में डालें और ऊपर से कद्दू और सूरजमुखी के बीज डालकर, गर्मा-गर्म सर्व करें।

सूप के हेल्थ बेनिफिट्स

1. गाजर
इस सूप में मौजूद गाजर थायराइड के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। गाजर एंटीऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर होता है, जो थायराइड की प्रॉब्लम को कंट्रोल करने में फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा गाजर में बीटा कैरोटीन मौजूद होता है, जो आपकी आंखों के लिए भी काफी लाभकारी होता है।

2. मसूर की दाल
मसूर की दाल में मौजूद इनएक्टिव थायराइड को एक्टिव थायराइड में बदलने में काफी मददगार है। ये दाल आसानी से पच जाती है, जिससे आपकी पाचन क्रिया भी मजबूत रहती है।

3. काली मिर्च
काली मिर्च आपके शरीर के लिए एनर्जी बूस्टर के रूप में काम करती है। हाइपोथायरायडिज्म के कारण शरीर में होने वाली कमजोरी, थकान को दूर करने में मदद करती है। इसके अलावा यह शरीर में सूजन, डिप्रेशन और टॉक्सिन से लड़ने में मददगार है, जो थायरॉयड असंतुलन के कारण होती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, June 27, 2023, 15:00 [IST]
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