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Fat To Fit: मां बनने के बाद स्वाति ने ऐसे घटाया 30 किलो वजन, जानें उनकी वेट लॉस जर्नी
Fat To Fit: मां बनना हर महिला के लिए सबसे सुखद एहसास होता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना एक आम समस्या है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में ऐसे कई बदलाव होते हैं, जिनका असर सीधे वजन पर पड़ता है। वहीं, डिलीवरी के बाद नई मां अपने बच्चे की देखभाल में इतनी व्यस्त हो जाती है कि खुद का ध्यान नहीं रख पाती है। यही वजह है कि कई महिलाओं को डिलीवरी के बाद वजन कम करना नामुमकिन लगता है। दिल्ली की रहने वाली स्वाति सोढ़ी की कहानी भी कुछ है। दूसरे बच्चे के जन्म के बाद स्वाति का वजन 92 किलो पहुंच गया था। उन्हें पीसीओएस की समस्या भी थी, जिसके कारण उनका वजन दूसरी महिलाओं के मुकाबले धीमी गति से कम होता था। लेकिन स्वाति को लगा कि अगर वह खुद स्वस्थ नहीं होंगी, तो अपने बच्चों की परवरिश कैसे कर पाएंगी। उन्होंने ठान लिया कि वो वजन कम करके रहेंगी और 1 साल में उन्होंने अपना 30 किलो वजन घटा लिया। तो आइए, Boldsky की 'फैट तो फिट' सीरीज में आज स्वाति सोढ़ी से जानते हैं उनकी वेट लॉस जर्नी के बारे में -

स्वाति ने तय की 92 से 63 किलो की फिटनेस जर्नी
स्वाति बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान उनका वजन काफी बढ़ गया था। पहले बच्चे के जन्म के दौरान उनका वजन 30 किलो बढ़ गया था। उस समय उन्होंने इंटरनेट पर मौजूद जानकारी की मदद से करीब 10 किलो वजन घटा लिया था। स्वाति कहती हैं, "लेकिन मैं सही अप्रोच से वेट लॉस नहीं कर रही थी। मैं बस क्रैश डाइटिंग कर रही थी और बहुत कम खाती थी। इसकी वजह से मेरा वजन कम तो हुआ, लेकिन इसके साथ ही काफी मसल लॉस भी हो गया। फिर दूसरे बच्चे के जन्म के बाद मेरा वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया था। उस समय मेरा वजन 92 किलो पहुंच गया था। मेरे पति नेवी में हैं, इसलिए मुझे अपने बच्चों की परवरिश एक सिंगल पेरेंट की तरह ही करनी पड़ती है। मुझे इतना समय नहीं मिलता था कि मैं अपने लिए कुछ भी कर पाऊं। वजन बहुत ज्यादा होने के कारण मैं बहुत जल्दी थक जाती थी। थोड़ा सा ही काम करने के बाद मेरी सांस फूलने लगती थी। लेकिन फिर मुझे लगा कि अगर मैं कुछ स्वस्थ नहीं रहूंगी, तो अपने बच्चों की परवरिश कैसे करूंगी? इसके बाद मैंने फिर से वजन कम करने के बारे में सोचा। लेकिन इस बार मैंने सही अप्रोच के साथ वजन घटाया। मैंने एक साल में अपना 30 किलो वजन घटा लिया। इस बार मैं खुद को बहुत ज्यादा फिट और हेल्दी महसूस कर रही थी।"
डिलीवरी के बाद वजन क्यों बढ़ता है?
प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना बिल्कुल सामान्य है। एक महिला का वजन प्रेग्नेंसी में औसतन 15 से 17 किलो तक बढ़ सकता है। इसमें बच्चे का वजन, गर्भाशय, एम्नियोटिक फ्लूड, प्लेसेंटा, खून की मात्रा और शरीर में जमा फैट शामिल होता है। इसके मुख्य कारण हैं -
हार्मोनल बदलाव: प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद हार्मोन शरीर में फैट जमा करने लगते हैं।
शारीरिक गतिविधि में कमी: बच्चे की देखभाल में एक्सरसाइज और चलना-फिरना कम हो जाता है, जिससे शरीर में फैट बढ़ने लगता है।
खानपान का असंतुलन: जरूरत से ज्यादा खाने के कारण वजन बढ़ जाता है।
नींद की कमी और तनाव: कम नींद शरीर के मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
कुछ स्वास्थ्य समस्याएं: प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड, डायबिटीज और पीसीओएस जैसी समस्याओं के कारण महिलाओं के लिए वजन कम करना और भी मुश्किल हो जाता है।
Quantified Nutrition की मदद से घटाया 30 किलो वजन
स्वाति बताती हैं, "दूसरी डिलीवरी के बाद वेट लॉस के लिए मैंने एक फिटनेस कम्युनिटी जॉइन की, जहां मुझे Quantified Nutrition के बारे में जानकारी मिली। मैंने जो कुछ भी सीखा, उसे अपने ऊपर अप्लाई किया, जिससे मेरा वजन कम होने लगा। क्वांटिफाइड न्यूट्रिशन के जरिए मैंने एक साल में 30 किलो वजन घटा लिया और 63 kg पर आ गई। मेरी इस पूरी वेट लॉस जर्नी के दौरान मुझे कभी भी नहीं लगा कि मैं डाइटिंग कर रही हूं, क्योंकि क्वांटिफाइड न्यूट्रिशन में आपको सब कुछ खाने की अनुमति होती है, बस कैलोरी और मैक्रोज का ध्यान रखते हुए।" स्वाति बताती हैं कि वह चावल, ब्रेड, पराठा, बिरयानी सब कुछ खाती हैं। इसके साथ ही वे हफ्ते में कम से कम 5-6 स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करती हैं। इससे न सिर्फ वेट लॉस होता है, बल्कि मसल बिल्डिंग और स्टैमिना बूस्ट करने में भी मदद मिलती है।
Quantified Nutrition क्या है?
क्वांटिफाइड न्यूट्रिशन का मतलब यह समझना है कि आप क्या खा रहे हैं, कितनी मात्रा में खा रहे हैं और उसमें कितनी कैलोरी व पोषक तत्व हैं। आपको अपने फूड की की मात्रा के साथ-साथ कैलोरी और मैक्रोज (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट) का भी ध्यान रखना होता है।
Quantified Nutrition के फायदे
वजन धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से कम होता है।
मांसपेशियां कमजोर नहीं होतीं।
शरीर ज्यादा फिट और एनर्जेटिक महसूस करता है।
डाइट लंबे समय तक अपनाई जा सकती है।
वजन दोबारा बढ़ने का खतरा कम होता है।

वजन घटाने के लिए फॉलो किया ये डाइट प्लान
स्वाति बताती हैं कि उन्होंने अपनी वेट लॉस जर्नी के दौरान कोई फैंसी डाइट फॉलो नहीं की। उनका फोकस हमेशा सादा, संतुलित और घर के बने खाने पर रहा है। जब भी उन्हें कुछ खाने की क्रेविंग होती है, जो वे उसे अपनी डाइट में एडजस्ट कर लेती हैं। लेकिन वह कोशिश करती हैं कि सिंपल खाना ही खाएं। इसके साथ ही, वे जंक फूड को पूरी तरह अवॉइड करती हैं। वे जब भी बाहर जाती हैं, तो कोशिश करती हैं कि अपने खाने का डिब्बा साथ लेकर जाएं या हेल्दी ऑप्शन चुनें। वजन घटाने के लिए यह डाइट प्लान फॉलो करती हैं -
ब्रेकफास्ट - अंडे, ब्रेड और ची स्लाइस
मिड-मॉर्निंग स्नैक्स - फ्रूट्स
लंच - दाल, सब्जी, चावल और पनीर
स्नैक्स - व्हे प्रोटीन शेक
डिनर - ग्रिल्ड चिकन और चावल
फिटनेस कोच बनकर कर रहीं दूसरों की मदद
आज स्वाति सोढ़ी न सिर्फ खुद फिट और हेल्दी हैं, बल्कि एक फिटनेस कोच के रूप में दूसरे लोगों को भी उनकी फिटनेस जर्नी में मदद कर रही हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मां बनने के बाद एक महिला कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत हो जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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