Latest Updates
-
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं
बाजार में बिकने लगे केमिकल से पके आम, खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान, FSSAI ने दी चेतावनी
भारतीय बाजारों में गर्मी का मौसम आते ही आम की बहार नजर आने लगती है। यह फल न केवल स्वाद में बेजोड़ होता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से लाभकारी माना जाता है। आम में मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे इसकी मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे कुछ व्यापारी इसे जल्दी पकाने के लिए खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल करने लगते हैं। सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला केमिकल है-कैल्शियम कार्बाइड, जिसे भारत सरकार ने फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित किया है।
आम के सीजन को देखते हुए ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि जो लोग केमिकल से आम पकाते हुए या बेचते हुए, जाते हैं, तो उनके खिलाफ FSS अधिनियम, 2006 और उससे जुड़े नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

कैल्शियम कार्बाइड क्या है?
यह एक रासायनिक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल मुख्यतः फैक्ट्रियों में किया जाता है। यह पानी के संपर्क में आने पर एसीटिलीन गैस छोड़ता है, जो फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में सहायक होती है। हालांकि, यह प्रक्रिया फलों की प्राकृतिक मिठास और पोषण तत्वों को नष्ट कर देती है। ऐसे फल बाहर से पक चुके लगते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे और हानिकारक हो सकते हैं।
सेहत पर क्या असर पड़ता है?
सीनियर डाइटीशियन अंजली पाठक बताती हैं कि कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए आम में पोषण की मात्रा कम होती है और यह पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। लगातार सेवन से गैस, एसिडिटी, सिरदर्द, उल्टी और लीवर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह खासतौर पर अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
कैसे पहचानें केमिकल से पके आम?
रंग से पहचान: अगर आम का रंग बाहर से अत्यधिक चमकदार और अंदर से सख्त है, तो यह केमिकल से पका हो सकता है। नेचुरल आम का रंग थोड़ा असमान और हल्का पीला या हरा होता है।
खुशबू: प्राकृतिक आम में ताजी, मीठी खुशबू आती है, जबकि केमिकल से पके आमों में या तो कोई गंध नहीं होती या तीखी, असहज महक आती है।
स्वाद: केमिकल से पके आम का स्वाद फीका और अजीब हो सकता है।
बनावट: अगर आम को छूने पर वह बहुत सख्त या ज्यादा नरम है, तो यह रसायन से पकाया गया हो सकता है। प्राकृतिक आम हल्के नरम और संतुलित बनावट वाले होते हैं।
घर पर आम कैसे पकाएं?
आम को घर में प्राकृतिक रूप से पकाने के लिए उसे कागज में लपेटकर कमरे के तापमान पर रखें या भूसे में दबाकर रखें। 2-3 दिनों में आम नेचुरल रूप से पक जाएगा, जिससे उसकी मिठास और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
केमिकल से पके आम की शिकायत कहां करें?
अगर आपको लगता है कि कोई दुकानदार या व्यापारी केमिकल का उपयोग कर रहा है, तो आप अपने जिले के खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग या उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आप पुलिस या नगर निगम में भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications