सुनें अपने दिल की आवाज..

By Neha Nautiyal

नई दिल्ली। विश्व हृदय दिवस दुनिया भर में हर साल 26 सितम्बर को मनाया जाता है। भारत में अब कम उम्र के लोग भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है तनाव।

ऐसे में इस बात की जरूरत है कि हम अपने दिल की आवाज सुनें, दिल को दुरुस्त रखने के लिए तनाव दूर भगाएं। तनाव के कारण मस्तिष्क से जो रसायन निकलते हैं वे हृदय की पूरी प्रणाली खराब कर देते हैं। तनाव से उबरने के लिए योग का भी सहारा लिया जा सकता है।

हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है। हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है और धमनियों और नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक ले जाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं।

इस साल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कार्यालय में काम करने वाले लोगों को हृदय के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य रखा है। आज हमारे जीवन का आधे से भी ज्यादा समय हमारे कार्यस्थल/ऑफिस में बीतता है।

ऐसे में हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि अपनी कार्यप्रणाली के अनुरूप दिल की सेहत कैसे दुरुस्त रहे।

दिल को स्वस्थ्य रखने के कुछ तरीके:

* थोड़ा समय व्यायाम के लिए निकालें।
* प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करना हृदय के लिए अच्छा होता है।
* समय की कमी है तो आप टहल सकते हैं।
* सेहत के अनुरूप आहार लें ।
* नमक का सेवन कम करें।
* कम वसा वाले आहार लें।
* ताजी सब्जियां और फल लें।
* समय पर नाश्ता और समय पर लंच करें।
* तंबाकू से दूर रहें।
* घंटों एक ही स्थिति में बैठना हृदय के लिए हानिकारक हो सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, September 25, 2010, 14:30 [IST]
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