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दूसरा हार्ट अटैक रोकिए

अपनी दवाइयां डाक्टर के निर्देशानुसार लें। केवल दवाइयों पर जीना ही नहीं चाहिए बल्कि डाक्टर द्वारा सुझाए गए किसी और इलाज को भी करें जैसे योग या हल्के व्यायाम। इन उपायों के जरिये आप दूसरे हार्ट अटैक की आशंकाओं को या इससे जुड़ी अन्य मुश्किलों को रोक सकते हैं या कम कर सकते हैं। जैसे कि दिल का फेल हो जाना।
ये सुनिश्चित करें कि यदि आप में दूसरे हार्ट अटैक के लक्षण पनपने लगें तो आपके इमर्जन्सी एक्शन प्लान यानी आपातकालीन योजना तैयार हो। अपनी इस योजना को तैयार करने के लिए अपने डाक्टर से बात करें, अपने परिवार से भी इस बारे में चर्चा करें। हम आपको बताते हैं कि इस योजना में निम्न कौन सी बातों का ख्याल रखना चाहिए।
1. किसी हार्ट अटैक के लक्षण।
2. एस्पिरिन और नाइट्रोग्लिसरिन के तुरंत इस्तेमाल से संबंधित निर्देश।
3. अपने समुदाय में आप आपातकालीन मैडिकल सेवाओं तक कैसे पहुंच हासिल करेंगे।
4. ऐसे हस्पताल का पता होना चाहिए जो चैबीसों घंटे एमर्जेन्सी हार्ट केयर उपलब्ध कराता हो।
हमेशा याद रखें, जरूरी नहीं कि दूसरे हार्ट अटैक के लक्षण पहले वाले हार्ट अटैक जैसे ही हों। अगर आप अपने जीवनकाल के दौरान स्वास्थ्यकर जीवनशैली अपनाएंगे तो हार्ट अटैक को रोका जा सकता है। स्वास्थ्यकर भोजन लें, मोटापे को दूर करें रोकें, ब्लडप्रैशर को नियंत्रित करें, डायबिटीज को रोकें, खून में लिपिड लैवल को सर्वोत्तम रखें और तम्बाकू और शराब से परहेज करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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