Latest Updates
-
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं क्या करें और क्या नहीं? जानें खाने-पीने और सोने से जुड़े नियम -
Surya Grahan 2026: आज लगेगा साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, दिन में छा जाएगा अंधेरा; जानें भारत में दिखेगा? -
Hariyali Amavasya 2026: क्यों मनाई जाती है हरियाली अमावस्या? जानें स्नान-दान का मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sawan Shivratri Vrat Katha 2026: सावन शिवरात्रि पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, भगवान शिव दूर करेंगे हर संकट -
Happy Sawan Shivratri 2026 Wishes: भोले की भक्ति...सावन शिवरात्रि पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
दिल्ली में बढ़े H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामले, अब तक 1344 केस, ये लक्षण दिखें तो बिल्कुल नजरअंदाज न करें -
सोनू निगम की किस बीमारी के चलते हुई सर्जरी? ऑपरेशन थिएटर में गाया रफी साहब का गीत, वायरल हुआ वीडियो -
Sara Tendulkar: सारा तेंदुलकर बनीं दुल्हन! व्हाइट गाउन और लीफ-कट वेल में दिखा परी जैसा लुक, देखें फोटोज -
Sawan Shivratri 2026: कब है सावन शिवरात्रि? जानें सही तिथि, जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त,पूजा विधि और मंत्र -
Sawan Pradosh Vrat 2026: सावन के पहले सोमवार पर 6 साल बाद बन रहा है बेहद शुभ संयोग! जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
ठंड में दिल को रखें संभाल के
(आईएएनएस/आईपीएन)। पारा गिरने के साथ दिल के मरीजों की दिक्कतें बढ़ने लगीं हैं। चिकित्सकों के मुताबिक सर्दी के मौसम में हार्टअटैक का खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना तक बढ़ जाता है। सर्दी के मौसम में खून गाढ़ा हो जाने के कारण शरीर में रक्त का संचार सही तरके से नहीं हो पाता। ऐसे में दिल के रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। पीजीआई, लखनऊ में प्रोफेसर डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक, पहली बार
अटैकआया है तो मरीज को पांच घंटे के भीतर या इससे भी पहले उपचार मिल जाना चाहिए। दूसरी बार अटैक में चार और तीसरी बार में तीन घंटे के भीतर उपचार मिल जाना चाहिए। READ: ऐसे रखें अपने दिल को सेहतमंद

अमूमन देखा गया है कि मरीज को अस्पताल तक आने में ही एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है और कई बार उसके इस बात की जानकारी ही नहीं होने पर कई घंटे लग जाते हैं।
डॉ. कपूर के मुताबिक, दिल की बीमारी से बचने के लिए नियमित रूप से कम से कम दो घंटे तक व्यायाम करें। शरीर के वजन को कंट्रोल में रखने की कोशिश करें। शाकाहारी बनें, हरी सब्जियां, सलाद का सेवन करें। तीन बार खाना खा सकते हैं, लेकिन कंट्रोल रखें।
उन्होंने कहा कि सर्दी में गर्म कपड़े पहनें, ब्लड प्रेशर कम न होने दें। नियमित जांच कराएं, दिक्कत होने पर डॉक्टर के पास पहुंचें। सर्दी में पाचन क्रिया शिथिल रहती है, इसलिए हल्का भोजन लें। जंक फूड या फिर चिकनाई युक्त खाना खाने से बचें। READ: हाई बी पी के लिए 10 हर्बल उपचार
डॉ. कपूर ने कहा कि जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या अनुवांशिक है, उन्हें तुरंत अपने वजन पर नियंत्रण कर लेना चाहिए। डायबिटीज का फास्टिंग लेबिल 110 के नीचे और खाना खाने के बाद का 180 के नीचे रहना चाहिए। इससे ऊपर है तो डाक्टर से सलाह लें।
उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा रहता है, ब्रेन हेमरेज भी हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को 40 साल की उम्र के बाद रक्तचाप की जांच कराते रहना चाहिए। नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होना चाहिए। 150/90 से ऊपर है तो खतरा है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications