Latest Updates
-
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन'
हृदय रोग के जोखिम को कम करता है योग
(आईएएनएस)| कई कारणों से लोग जिम जाने या सुबह टहलने में सक्षम नहीं होते। मगर चिंता करने की जरूरत नहीं, क्योंकि अगर आप रोजाना योग करें, तो यह हृदय संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक होगा। इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करने में योग बेहद सहायक है और हृदय को स्वस्थ करने में यह एक प्रभावी चिकित्सा के रूप में काम करता है।
हेल्थ और ब्यूटी प्रोडक्ट पर पाएं 60% की भारी छूट, जल्दी करें!
नीदरलैंड तथा अमेरिकी शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान पाया कि हृदय रोग के जोखिम को कम करने में योग उतना ही लाभकारी है, जितना पारंपरिक शारीरिक गतिविधियां जैसे तेज टहलना।

शोधकर्ताओं ने कहा, "यह निष्कर्ष उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है, जो दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए पारंपरिक कसरत करना पसंद नहीं करते।"
रोटरडम स्थित इरेस्मस यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर तथा बॉस्टन स्थित हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रोफेसर तथा मुख्य लेखक मिरियम हूनिंक ने कहा, "ये परिणाम इस बात के सूचक हैं कि योग सशक्त रूप से बेहद उपयोगी है और मेरी नजर में जोखिम को कम करने का एक बेहतर उपाय।"
यह अध्ययन पत्रिका 'यूरोपीयन जर्नल ऑफ प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











