Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
Heatwave में बढ़ जाता है Eye Stroke का खतरा, इन गलतियों से बचें, जानें एक्सपर्ट की सलाह
Precautions For Eye Stroke : देश के कई राज्यों में इस साल हीटवेव ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और तेज गर्म हवाओं के साथ धूप का अलर्ट जारी किया है। यह बढ़ती गर्मी न सिर्फ शरीर पर असर डालती है, बल्कि आंखों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल हेल्थ एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, हीटवेव के दौरान गर्म हवाएं आंखों की बाहरी परत (कॉर्निया) को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे ड्राई आई सिंड्रोम, फोटोकेराटाइटिस (आंखों की सनबर्न), और यहां तक कि आई स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ड्राई आई सिंड्रोम क्यों होता है?
हीटवेव के दौरान वातावरण में नमी कम हो जाती है और गर्म हवाएं आंखों की आंसुओं की परत को सूखा देती हैं। इसके कारण आंखों में जलन, खुजली, चुभन और धुंधलापन जैसी परेशानियां होती हैं। खासतौर पर जो लोग घंटों स्क्रीन पर काम करते हैं, उनकी पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखें और जल्दी सूखती हैं।
आई स्ट्रोक का खतरा कितना गंभीर?
रेटिनल आर्टरी ओक्लूजन को ही आम भाषा में आई स्ट्रोक कहा जाता है, जो तब होता है जब रेटिना तक खून पहुंचाने वाली नस में रुकावट आ जाए। हालांकि बैंगलोर स्थित डॉक्टर अग्रवाल आई अस्पताल की नेत्र विशेषज्ञ मुनीशा राउत बताती हैं कि हीटवेव सीधे आई स्ट्रोक का कारण नहीं बनती, लेकिन यह शरीर में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हीटवेव में आंखों को किसे ज्यादा खतरा होता है?
- 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्ग
- हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हार्ट डिजीज से पीड़ित लोग
- पर्याप्त पानी न पीने वाले व्यक्ति
- धूप में काम करने वाले मजदूर, ट्रैफिक पुलिस और किसान
इन लोगों को दिन में कई बार ठंडे पानी से आंखें धोनी चाहिए और धूप से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
बच्चों की आंखों की देखभाल कैसे करें?
बच्चों की आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं। इसलिए पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों को स्कूल या खेलने के लिए बाहर भेजते समय UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लास पहनाएं। उन्हें सिखाएं कि गंदे हाथों से आंखों को न छुएं और स्कूल से लौटने पर साफ पानी से आंखें धोएं।
हीटवेव से आंखों को बचाने के उपाय
- बाहर निकलते समय UV प्रोटेक्शन वाला सनग्लास पहनें
- टोपी या छाते का इस्तेमाल करें
- दिन में खूब पानी पीएं
- दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप से बचें
- स्क्रीन टाइम को सीमित करें
- आंखों में जलन हो तो आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करें
हीटवेव के इस दौर में आंखों की सही देखभाल न सिर्फ असुविधा से बचाती है, बल्कि आपकी दृष्टि को भी सुरक्षित रखती है। इसलिए खुद भी सतर्क रहें और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
