धूप में रहने की वजह से इस हॉलीवुड एक्टर को हुआ स्किन कैंसर, क‍ितनी खतरनाक होती है सूर्य की UV क‍िरणे?

Skin Cancer : सूरज की रोशनी, जो विटामिन-डी का मुख्य स्रोत है, सेहत के लिए फायदेमंद होते हुए भी हानिकारक साबित हो सकती है। विटामिन-डी हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर को कई लाभ देता है, लेकिन तेज धूप में लंबे समय तक बैठने से स्किन को नुकसान हो सकता है। अत्यधिक तेज धूप के संपर्क में रहने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में, हॉलीवुड एक्टर जेसन चेम्बर्स में धूप में लंबे समय तक काम करने के वजह से स्किन कैंसर होने की पुष्टि की।

हालांकि धूप से विटामिन डी म‍िलता है लेक‍िन इससे न‍िकलने वाली खतरनाक यूवी क‍िरणों की वजह से स्किन कैंसर की समस्‍या भी हो सकती है।

Hollywood Star Jason Chambers Diagnosed with Skin Cancer

हॉलीवुड एक्टर जेसन चेम्बर्स ने बयां क‍िया दर्द

हॉलीवुड एक्टर जेसन चेम्बर्स ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि उन्हें स्किन कैंसर हो गया है। उन्होंने लिखा, "मैंने अपनी ज़िंदगी का ज्यादातर समय धूप में बिताया। बचपन में मैं धूप में खेलता और समुद्र किनारे काम करता था। मुझे कभी नहीं लगा कि सूरज की किरणें नुकसान पहुंचा सकती हैं। धूप से होने वाले फायदे मैं समझता हूं, लेकिन हर चीज़ की एक सीमा होती है। धूप लेने में भी संतुलन ज़रूरी है।" चेम्बर्स ने अपनी कहानी साझा करते हुए लोगों को आगाह किया कि अत्यधिक धूप में रहने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

दिखने लगा था ये लक्षण

जेसन चेम्बर्स ने बताया कि उनकी स्किन पर एक धब्बा दिखा, जिसे उन्होंने मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन छह महीने बाद वही धब्बा स्किन कैंसर में बदल गया। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज कराने की सलाह दी है। एक्टर की बायोप्सी हो चुकी है और वह रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जेसन ने अपने फैंस से अपील की है कि वे सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा, "मेरी गलती न दोहराएं। अच्छे और केमिकल-फ्री सनस्क्रीन का उपयोग करें ताकि धूप से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।"

कैसे सूरज की क‍िरणों से होता है स्किन कैंसर

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सूरज की अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणें स्किन की सेल्स को गहराई से नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे स्किन कैंसर का खतरा बढ़ता है। स्किन कैंसर के प्रमुख प्रकार हैं: बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, और मेलेनोमा। बेसल सेल कार्सिनोमा चेहरे, हाथ, और गर्दन पर धूप से हो सकता है, जबकि स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा कान, होंठ और हाथों पर अधिक होता है। ऐसे में हर मौसम में धूप से स्किन की सुरक्षा बेहद जरूरी है। तेज धूप में जाने से बचें और सनस्क्रीन का उपयोग करें ताकि UV किरणों के प्रभाव से बचा जा सके।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, December 22, 2024, 10:59 [IST]
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