Heatwave In India: गर्मी और लू से लग गए हैं दस्त? आजमाएं ये 5 देसी नुस्खे जो दिलाएंगे तुरंत आराम

Natural Remedies For Loose Motion In Summer: अप्रैल के महीने में ही गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है, लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित हो रही है। पारा 40 डिग्री के पार जाने को बेताब है और आसमान से बरसती आग के बीच चलने वाली 'लू' (Heatwave) लोगों को बीमार कर रही है। गर्मी के इस मौसम में सबसे ज्यादा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है क्योंकि लू के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग लू की चपेट में आते हैं और पेट खराब व दस्त जैसी समस्या के शिकार हो जाते हैं। यदि समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो यह डिहाइड्रेशन और कमजोरी का बड़ा कारण बन सकता है और कई बार जानलेवा भी साबित होता है। आज हम आपको दस्त के लिए 5 ऐसे देसी इलाज बताने जा रहे हैं जो आपको तुरंत आराम देंगे और पेट को शांत और ठंडा रखेंगे।

1. दही और केला

दही और केला पेट के लिए कुदरती प्रोबायोटिक है जो न सिर्फ पेट को ठंडा रखता है बल्कि इसका मिश्रण दस्त रोकने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है। बता दें कि दही में 'गुड बैक्टीरिया' यानी प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंतों के संक्रमण को खत्म करते हैं। केला पोटेशियम से भरपूर होता है, जो दस्त के कारण शरीर में आई कमजोरी को दूर करता है और मल को बांधने (Stool binding) में मदद करता है। आप इसके लिए एक कटोरी ताजे दही में एक पका हुआ केला मैश करके खाएं। इसमें थोड़ा भुना जीरा भी मिला सकते हैं।

2. जीरा पानी और काला नमक

हमारे किचन में ही कई ऐसी चीजें होती हैं जिनका आयुर्वेद में बहुत अधिक महत्व होता है। उन्हीं में से एक जीरा और काला नमक है जो न सिर्फ खाने का टेस्ट बढ़ाता है बल्कि दस्त होने पर आराम भी देता है। गर्मी में लू लगने पर अक्सर पेट में तेज मरोड़ और गैस की समस्या होती है, जिसमें जीरा पानी जादू की तरह काम करता है। क्या आपको पता है की जीरा पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है, जिससे पेट की ऐंठन कम होती है। काला नमक पेट को ठंडक देता है और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करता है। अगर दस्त हो जाएं तो आप एक गिलास पानी में एक चम्मच भुना जीरा पाउडर और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर दिन में 2-3 बार पिएं। तुरंत दस्तों से आराम मिल जाएगा।

3. सौंफ और मिश्री का शरबत

गर्मी में दस्त लगने का मुख्य कारण पित्त का बढ़ना होता है। सौंफ और मिश्री की तासीर ठंडी होती है तो ऐसे में दस्त लगने पर आप इसका सेवन करते हैं तो तुरंत आराम मिलेगा। यह मिश्रण पेट की जलन को शांत करता है और पाचन तंत्र को तुरंत ठंडक पहुंचाता है। यह जी मिचलाने (Nausea) की समस्या को भी कम करता है। इसके लिए आप रात भर भिगोई हुई सौंफ को पीसकर पानी में मिलाएं और उसमें धागे वाली मिश्री डालकर शरबत की तरह पिएं।

4. बेल का शरबत

आयुर्वेद में बेल (Stone Apple) को पेट की बीमारियों का दुश्मन माना गया है। बेल के फल में टैनिन और म्यूसिलेज होता है, जो आंतों की सूजन को कम करता है और पुराने से पुराने दस्त या पेचिश को रोक देता है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने में सबसे ज्यादा प्रभावी है। आप दस्त लगने पर बेल के गूदे को पानी में मसलकर छान लें। इसमें चीनी या हल्का नमक मिलाकर दिन में एक बार जरूर पिएं।

5. ओआरएस (ORS) का देसी विकल्प

दस्त के दौरान सबसे ज्यादा खतरा डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी से होता है, जिसमें यह घोल जीवन रक्षक है। यह घोल शरीर में शुगर और साल्ट के स्तर को बैलेंस करता है, जिससे अंग काम करना बंद नहीं करते और एनर्जी बनी रहती है। ओआरएस बनाने के लिए आप एक लीटर उबले हुए ठंडे पानी में 6 छोटे चम्मच चीनी और आधा छोटा चम्मच नमक मिलाएं। इसे हर आधे घंटे में थोड़ा-थोड़ा पीते रहें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, April 17, 2026, 12:30 [IST]
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