आपका बच्चा जो दूध पी रहा है वो असली है या नकली? सिर्फ 2 मिनट में ऐसे करें शुद्धता की पहचान

Real And Fake Milk: दूध को सेहत का आधार माना जाता है, लेकिन हाल ही में आए चौंकाने वाले आंकड़ों ने शुद्ध दूध के दावों की पोल खोल दी है। Trustified द्वारा फरवरी 2026 में की गई हालिया टेस्टिंग के अनुसार, अमूल, कंट्री डिलाइट और मदर डेयरी जैसे दिग्गज ब्रांड्स के कुछ पाउच नमूनों में FSSAI मानकों की अनदेखी पाई गई है। इन नमूनों में अत्यधिक कोलीफॉर्म (Coliform) और टोटल प्लेट काउंट (TPC) जैसे बैक्टीरिया मिले हैं, जो दूध की खराब प्रोसेसिंग और असुरक्षित गुणवत्ता को दर्शाते हैं।

ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या आपके बच्चे के गिलास में जाने वाला दूध वाकई उसे ताकत दे रहा है या वह बीमारियों का घर है? आइए जानते हैं इस रिपोर्ट की सच्चाई और वे तरीके जिनसे आप घर बैठे दूध की शुद्धता की पहचान कर सकते हैं।

Trustified रिपोर्ट 2026: नाम बड़े और दर्शन छोटे?

रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट में बिकने वाले नामी कंपनियों के दूध के नमूनों में स्वच्छता की भारी कमी देखी गई है। बता दें कि दूध में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए। इसकी मौजूदगी का मतलब है कि दूध निकालते समय या पैकिंग के दौरान स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा गया। यह पेट में संक्रमण और डायरिया का कारण बन सकता है। इसके अलावा TPC (Total Plate Count) का दूध में बैक्टीरिया की कुल संख्या तय सीमा से अधिक होना यह बताता है कि दूध पुराना है या उसे सही तापमान पर स्टोर नहीं किया गया।

यदि आप ब्रांडेड दूध पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहते, तो रसोई में मौजूद इन 4 तरीकों से दूध की जांच जरूर करें

1. गंध से पहचान (The Sniff Test)

असली दूध में कोई तीखी गंध नहीं होती। अगर दूध सूंघने पर उसमें से साबुन या डिटर्जेंट जैसी गंध आए, तो समझ लें कि दूध सिंथेटिक है।

2. झाग का परीक्षण (Detergent Test)

थोड़ा सा दूध एक कांच की शीशी में लें और उसे जोर से हिलाएं। अगर दूध में बहुत ज्यादा झाग बनता है और वह लंबे समय तक बना रहता है, तो इसमें डिटर्जेंट या वाशिंग पाउडर की मिलावट हो सकती है। असली दूध में झाग बहुत कम और अस्थाई होता है।

3. ढलान पर बूंद गिराएं (Slip Test)

लकड़ी या पत्थर की किसी चिकनी सतह पर दूध की एक बूंद गिराएं। अगर बूंद धीरे-धीरे बहती है और पीछे सफेद धार (लकीर) छोड़ती है, तो दूध असली है। अगर बूंद तेजी से बह जाए और कोई निशान न छोड़े, तो उसमें पानी की भारी मिलावट है।

4. उबालने पर रंग (Boiling Test)

असली दूध उबालने पर अपना सफेद रंग नहीं बदलता। लेकिन अगर दूध नकली या सिंथेटिक है, तो उबालने पर उसका रंग हल्का पीला पड़ने लगता है।

सावधानी ही सुरक्षा है

FSSAI मानकों पर दूध का फेल होना यह साबित करता है कि सिर्फ विज्ञापन देखकर ब्रांड का चुनाव करना काफी नहीं है। अपने बच्चे को दूध देने से पहले ऊपर बताए गए परीक्षणों को अपनाएं। यदि दूध में बैक्टीरिया या मिलावट का संदेह हो, तो उसे अच्छी तरह उबालकर ही इस्तेमाल करें, हालांकि सिंथेटिक दूध उबालने के बाद भी खतरनाक ही रहता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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