Latest Updates
-
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी
भारत में 56.4 फीसदी बीमारियों की जड़ हैं खराब खानपान, ICMR ने बताया रोजाना कितना खाएं चीनी और तेल
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने की रिसर्च के मुताबिक भारत में 56.4 फीसदी बीमारियों की वजह खराब खानपान है। ICMR ने 17 तरह की डाइटरी गाइडलाइंस जारी की है। ICMR के तहत कार्यरत द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN ) का कहना है कि भारतीय के लाइफ स्स्टाइल और, डाइट और बीमारियों को देखते हुए भारतीयों के लिए डायटरी गाइडलाइंस को संशोधित की गई।
इस गाइडलाइन में कहा गया है कि हेल्दी डाइट और फिजिकल एक्टिविटी के जरिए कोरोनरी हार्ट डिजीज और हाइपरटेंशन से बचा जा सकता है। NIN का कहना है सही डाइट को फॉलो करने से टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को 80 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

कैसा होना चाहिए खान-पान?
NIN ने रिसर्च के हवाले से कहा कि भारत में शाकाहारी लोग अनाज पर ज्यादा निर्भर रहते हैं। इस वजह से शरीर में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी हो जाती है। जरूरी पोषक तत्वों की कमी के कारण मेटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है और पेट से जुड़ी बीमारियों की समस्या बन सकता है।
NIN के मुताबिक हमारे डेली डाइट में हमारे शरीर की कुल एनर्जी 45 परसेंट कैलोरी अनाज से मिलनी चाहिए, 15 फीसदी कैलोरी दाल, बीन्स या मीट से और बची हुई कैलोरी हम नट्स, सब्जियां, फ्रूट्स और दूध के जरिए ले सकते हैं। दिनभर में हमें लगभग 250 ग्राम अनाज और 400 ग्राम सब्जिया और 100 ग्राम फल और 85 ग्राम दालें, अंडे मांस जैसे खाद्य पदार्थ खाना चाहिए इसके अलावा 35 ग्राम ड्राय फ्रूट, बीज और 20 ग्राम तेल या घी शामिल होना चाहिए।
अगर हम इस डाइट को फॉलो करते हैं तो बीमारियों से बचा जा सकता है। खानपान में बदलाव समय की मांग है।
इतनी खाएं चीनी
NIN ने सलाह दी है कि भारतीय लोगों को अपनी डाइट में चीनी की खपत को प्रतिदिन 20-25 ग्राम (लगभग एक चम्मच के बराबर) तक सीमित रखना चाहिए।
तेल का कम करें इस्तेमाल
ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने इस गाइडलाइन में इस बात पर भी जोर दिया है कि खाना पकाने में कुकिंग ऑयल का बेहद कम इस्तेमाल करना चाहिए। शरीर को रोजाना 1½ टेबलस्पून तेल यानी एक दिन में 20 ग्राम से अधिक तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से भी दूरी बनाकर रखने की बात कही गई है।
प्रोटीन पाउडर को लेकर दी चेतावनी
ICMR की ओर से जारी गाइडलाइंस में प्रोटीन सप्लीमेंट्स से बचने की सलाह दी गई है। इस पर ICMR का कहना है कि प्रोटीन सप्लीमेंट में एक्स्ट्रा शुगर, नॉन-कैलोरी स्वीटनर और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं। इसलिए इनके सेवन से बचे, प्रोटीन की पूर्ति के लिए दूध, दही जैसी प्राकृतिक चीजों का सेवन करें। वहीं नॉनवेज के शौकीन के लिए प्रोटीन के कई सोर्स हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications