Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
कानों में सुनाई देती है घंटी की आवाज, हो जाइए सावधान बहरेपन की 5 निशानियोंं में से है एक
Early Signs of Hearing Loss : बहरापन यानी सुनने की क्षमता का कम हो जाना। एक बहुत बड़ी दिक्कत हैं। कई बार अचानक से किसी दिन आपको कम सुनाई देने लगे या फिर कान बिल्कुल ही बंद हो जाएं, या फिर शोरगुल के बीच समझने में दिक्कत आए, तो यह बहरेपन का ही संकेत है।
आइए जानते हैं कि बहरेपन के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं, जिससे आप समय रहते इस समस्या से बच सकते हैं।

बहरेपन के कारण
- उम्र- 60 से ज्यादा उम्र होने पर सुनने की क्षमता में कमी आने लगती है।
- शोर के सपंर्क या किसी मशीन के तेज आवाज का बार-बार सुनना भी हियरिंग लॉस का कारण है।
- हियरिंग लॉस के साथ अनुवांशिकी विकारों और पारिवारिक इतिहास होना।
- कभी-कभी कुछ दवाएं जिन्हें ऑटोटॉक्सिक कहा जाता है भी सुनने की क्षमता कम कर सकती हैं।
- कुछ बीमारियां जैसे मेनियर डिसीज , ऑटोस्केलोरोसिस या ऑटोइम्यून डिसीज की वजह से भी व्यक्ति को कम सुनाई देने लगता है।
बहरेपन के शुरुआती लक्षण
कानों का बजना: बैठे बैठे कानों में अचानक आवाजें सुनाई देना और घंटी बजने जैसा साउंड होना। इस ओर इशारा करता है कि आपके कानों में कुछ दिक्कत आ रही है। का ये अवस्था हियरिंग लॉस का सबसे पहला साइन माना जाता है। ये इस बात की ओर इशारा है कि आप अब कम सुनने लगे हैं।
एक बार में बात न सुनाई देना : नॉइज़ पॉल्यूशन और लाउड म्यूजिक की वजह से भी सुनने की क्षमता कम होती है। अगर आपको भीड़ में भी तेज आवाज धीमी लगने लगे और किसी भी ऑडियो को सुनने के लिए हमें वॉल्यूम का लेवल बढा़ना पड़ता हैं, तो समझ जाइए कि आपकी सुनने की क्षमता कम हो रही हैं।
आवाज़ पहचानने में दिक्कत: कई बार हम जब दूसरों से बात करते हैं, तो ऐसा लगता है कि वो अपने आप मन ही मन में धीमे बात कर रहे हैं। इसके चलते आवाज़ को समझने में भी दिक्कत आने लगती है।
फोन पर आवाज साफ सुनाई नहीं देना: फोन पर बात करने के दौरान अगर आप सुनने में दिक्कत आएं तो साफ समझ जाइए कि आप भी हियरिंग प्रोब्लम से होकर गुज़र रहे है।
इलाज
आमतौर पर बहरापन की समस्या का इलाज कुछ बातों पर निर्भर करता है, जैसे-
-बहरेपन का प्रकार
-बहरेपन की गंभीरता
-आपकी उम्र
बहरापन दो प्रकार का होता है। पहला कंडक्टिव और दूसरा सेंसोरीन्यूरल। कंडक्टिव हियरिंग लॉस या बहरापन को सर्जरी या दवाओं के साथ ठीक किया जा सकता है, लेकिन अन्य प्रकार के लिए ऐसा करना मुश्किल है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications