Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व
International Day of Yoga 2023: कहां से आया योगा मैट, ये है इतिहास और योगा मैट चुनते हुए न करें ये गलतियां
योग के प्रति दीवानगी पूरे विश्व में देखने को मिलती है। हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक कई सेलेब्स की फिटनेस का राज योग ही है। योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 21 जून को हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। आजकल हम घर की छत हो या फिर गार्डन, हर किसी को हाथों में योगा मैट लिए देखते हैं। मॉर्डन योग कल्चर में मैट चलन काफी बढ़ गया है।
प्राचीन काल में साधु-संत योग मैट जैसी चीजों का इस्तेमाल नहीं करते थे। लेकिन अब योगाभ्यास करने वालों के लिए योग मैट का होना जरूरी होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि योग में कब से मैट की जरूरत महसूस होने लगी? योग मैट का इस्तेमाल कब और किसने पहली बार किया? चलिए जानते हैं योग मैट का इतिहास।

योग मैट क्या है
नियमित योगाभ्यास करने वालों को योगा मैट की जरूरत होती है। योगा मैट गिरने या किसी तरह की चोट से बचाने में काम आता है। योग के दौरान बैलेंस रखने के लिए भी योग मैट काम आता है। योग मैट रबर का, सूती कपड़े का पतला और मोटा दोनों तरीका का हो सकता है। योग के लेवल के हिसाब से आप सही योगा मैट का चयन कर सकते हैं।
योग मैट का इतिहास
प्राचीन समय में ऋषि मुनियों के युग में ही योग की शुरुआत हो गई थी। साधु-संत पहाड़ियों, हिमालय की चोटी, जंगलों और गुफाओं आदि में योग किया करते थे। लेकिन उस समय योग मैट नहीं हुआ करती थी। वह जमीन पर ही योग करते थे। 1970 के दशक में लोग योग करने के लिए दरी या चटाई का उपयोग करते थे। उस समय योग करने के लिए लोग जमीन पर दरी बिछाया करते थे।
बीकेएस अयंगर ने लेकर आए योगा मैट का कॉन्सेप्ट
पहली बार योग गुरु बीकेएस आयंगर ने योग मैट की जरूरत को महसूस किया। पहले वह भी अन्य लोगों की तरह की जमीन में कंबल बिछाकर योग किया करते थे। लेकिन 1960 में योग गुरु बी के एस आयंगर यूरोप में योग की कक्षाएं लेने के दौरान उन्होंने देखा कि यूरोपियन छात्रों को योग करते समय फर्श पर खड़े होकर आसन करने में फिसलन जैसी परेशानी होती थी। वह योग में ध्यान नहीं लगा पाते थे क्योंकि उनका ध्यान गिरने से बचने पर लगा रहता था।
योग गुरु विदेशी योगा छात्रों की इस मुश्किल को समझते थे और इसका कुछ हल निकालना चाहते थे। एक बार योग गुरु जर्मनी में थे, जहां फर्श से फिसलकर वह गिरने वाले थे लेकिन कार्पेट के नीचे रखी रबर की चटाई ने उन्हें गिरते-गिरते बचा लिया। यहां से उन्हें योग मैट का विचार आया कि योग मैट छात्रों का आसन के दौरान फिसलने से बचाएगी। इस विचार के साथ कंबल को हटाकर उन्होंने रबर की चटाई का इस्तेमाल मैट के तौर पर किया।

योग खरीदते हुए इन बातों का रखें ध्यान
- कई बार योगा मैट खरीदते समय इसकी मोटाई पर ध्यान देना चाहिए। सख्त फ्लोर पर पतले योगा मैट का इस्तेमाल करने से हड्डियों को परेशानी हो सकती है। कम से कम 1.5 इंच मोटाई होनी चाहिए।
- खरीदने से पहले आप मैट पर आसन कर के देखें। अगर उस मैट पर योगा करते समय सहज महसूस कर रहे हैं तो आप उस मैट को खरीद सकते हैं।
- योगा मैट की बनावट और टेक्सचर को जरुर देखें, कॉटन के मैट में फिसलन की संभावना ज्यादा रहती है तो वहीं रबर के मैट से कुछ दिनों तक रबर की गंध आती रहती है, लेकिन इसमें फिसलन नहीं होती है।
- योगा मैट खरीदते उसका कैरी बैग जरूर लें ताकि कहीं घूमने जाने पर इसे आसानी से ले जा सकें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
