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Curd Adulteration: कहीं आप केमिकल वाला दही तो नहीं खा रहें? खाने से पहले ऐसे करें पहचान, FSSAI ने बताया
How to test the purity of curd : हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 600 किलो मिलावटी दही जब्त किया गया। यह दही चाट-फुल्की की दुकानों और छोटे दुकानदारों को सप्लाई किया जा रहा था। इस तरह के मिलावटी दही का सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
इससे न सिर्फ पाचन तंत्र बिगड़ता है, बल्कि फूड पॉइजनिंग और गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में दही खरीदते समय सतर्कता बेहद जरूरी है। इसी बहाने जानते हैं कि दही में मिलावट कैसे पहचाने और इसे खाने के सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं?

मिलावटी दही खाने से सेहत को क्या नुकसान हो सकता है?
दही एक नेचुरल प्रोबायोटिक होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार, दही जैसे हेल्दी फूड में अक्सर मिलावटखोर वनस्पति तेल मिला देते हैं। यह तेल आमतौर पर हाइड्रोजेनेटेड ऑयल होता है, जिसमें ट्रांस फैटी एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है।
ऐसे ट्रांस फैट शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं और हृदय, लिवर और किडनी जैसे जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा पेट दर्द, गैस, अपच, और लंबे समय में टॉक्सिन्स के जमाव से इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह और भी खतरनाक हो जाता है। इसलिए दही खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच जरूर करें।
खुला दही खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
दुकान की सफाई जांचें: जिस जगह से आप दही खरीद रहे हैं, वहां साफ-सफाई होनी चाहिए। गंदगी की मौजूदगी मिलावट या संक्रमण का संकेत हो सकती है।
सामान्य सवाल करें: दूध कहां से आता है, दही कैसे जमता है, इन सवालों के जवाब अगर आपको लगें की दुकानदार देने से बच रहा है, तो तुरंत समझ जाए कि दाल में काला है।
ठंडे तापमान में रखा हो: दही हमेशा फ्रिज या बर्फ में रखा होना चाहिए, जिससे बैक्टीरिया न पनपे।
जरूरत हो तो घर पर जांच करें: शक होने पर उंगली से रगड़कर या गर्म पानी में घोलकर उसकी बनावट और झाग से मिलावट का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पैकेज्ड दही खरीदते समय ध्यान दें
FSSAI नंबर और सील जांचें: पैक पर FSSAI लाइसेंस नंबर और ब्रांड सील होनी चाहिए। पैकिंग ठीक से बंद होनी चाहिए।
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट: एक्सपायर्ड दही खाने से उल्टी-दस्त या फूड पॉइजनिंग हो सकती है। गंध, रंग और स्वाद से भी शुद्धता का अनुमान लगाया जा सकता है।
कैसे करें दही में मिलावट की जांच?
FSSAI के अनुसार, एक आसान घरेलू जांच से वनस्पति तेल की मिलावट का पता लगाया जा सकता है:
टेस्ट ट्यूब से जांचे
- एक चम्मच दही को टेस्ट ट्यूब में डालें।
- उसमें 10 बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं।
- धीरे से हिलाकर मिक्स करें।
- अगर 5 मिनट में लाल रंग आ जाए, तो समझिए कि दही में वनस्पति तेल की मिलावट है।
टेस्ट और खुशबू से पहचानें
- असली दही में हल्की खटास और नेचुरल खुशबू होती है।
- शुद्ध दही के स्वाद में हल्का खट्टापन होता है।
- अगर दही चखने पर उसकी मिठास ज्यादा है या वो बेस्वाद हैं, दही मिलावटी हो सकता है।
इन डेयरी प्रॉडक्ट में भी खूब मिलती है मिलावट
मिलावटखोर केवल दही में ही नहीं, बल्कि दूध, पनीर, घी, मक्खन और क्रीम जैसे अन्य डेयरी उत्पादों में भी मिलावट करते हैं। इसलिए इन चीजों को खरीदते समय खास सतर्कता बरतें। शुद्धता की पहचान के घरेलू उपाय अपनाएं और बच्चों तथा बुजुर्गों को मिलावटी खाद्य पदार्थों से दूर रखें।
इसलिए अगली बार जब आप दही खरीदें या खाएं, तो उसकी गुणवत्ता, स्रोत और पैकेजिंग की जांच जरूर करें, क्योंकि स्वाद से समझौता किया जा सकता है, लेकिन सेहत से नहीं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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