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जैस्मिन भसीन को हुई टर्मिनल इलियटिस नामक गंभीर बीमारी, दुबई अस्पताल से सामने आई तस्वीर, जानें लक्षण और कारण
Jasmin Bhasin Health Update: टीवी एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन दुबई में अपना 36वां बर्थडे मनाने के लिए गई थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मजूंर था और वो वहां के अस्पताल में भर्ती हो गईं। जैस्मिन के बॉयफ्रेंड अली गोनी ने एक तस्वीर शेयर की है जिसमें एक्ट्रेस अस्पताल के बेड पर नजर आ रही हैं और उनकी हालत ठीक नहीं लग रही है। अली गोनी ने एक इमोशनल पोस्ट शेयर करते हुए जैस्मिन की तबीयत के बारे में बताया। दरअसल, जैस्मिन को 'टर्मिनल इलियटिस' नाम की गंभीर बीमारी हुई है जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। आइए जानते हैं इस बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज।

'टर्मिनल इलियटिस' बीमारी ने खराब किया जैस्मिन का बर्थडे
टीवी की मशहूर एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन दुबई में अपना 36वां बर्थडे मनाने के लिए गई थीं, लेकिन अचानक से वहां उनकी तबीयत खराब हो गई जिस वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, जैस्मिन को 'टर्मिनल इलियटिस' नाम की गंभीर बीमारी हुई है, जिसकी वजह से एक्ट्रेस दुबई के अस्पताल में भर्ती हैं और वहां उनका इलाज चल रहा है। जैस्मिन ने अपना हेल्थ अपडेट देते हुए बताया कि अब वो पहले से बेहतर हैं और इंडिया आकर अपना इलाज पूरा करवाएंगी।
क्या होती है 'टर्मिनल इलियटिस' बीमारी?
जैस्मिन भसीन को 'टर्मिनल इलियटिस' नाम की गंभीर बीमारी हुई है जिसके बारे में अब लोग सर्च कर रहे हैं कि ये क्या होती है। बता दें कि हमारी छोटी आंत (Small Intestine) के आखिरी हिस्से को 'इलियम' (Ileum) या 'टर्मिनल इलियम' कहा जाता है, जो बड़ी आंत से जुड़ता है। जब इस हिस्से में गंभीर सूजन, घाव या जलन हो जाती है, तो उस स्थिति को मेडिकल भाषा में टर्मिनल इलियटिस कहा जाता है। यह अक्सर क्रोहन्स डिजीज या इन्फ्लेमेटरी बॉवल डिजीज का ही एक हिस्सा या उसका शुरुआती रूप होती है। इस बीमारी में सूजन के कारण शरीर भोजन से पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता।
क्या हैं टर्मिनल इलियटिस के मुख्य लक्षण
पेट के निचले दाहिने हिस्से में तेज दर्द होता है।
मरीज को बार-बार दस्त की समस्या होती है।
पोषक तत्वों के अवशोषित न होने और भूख न लगने के कारण वजन तेजी से गिरता है।
आंतों में घाव या अल्सर होने के कारण स्टूल के साथ ब्लीडिंग हो सकती है।
शरीर में सूजन होने के कारण लगातार थकान और हल्का बुखार बना रहता है।
पाचन ठीक से न होने के कारण पेट में भारीपन महसूस होना।
टर्मिनल इलियटिस के क्या हैं कारण?
जब हमारा इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता गलती से आंतों के स्वस्थ सेल्स को ही दुश्मन मानकर उन पर हमला कर देता है, जिससे वहां सूजन आ जाती है।
टीबी जैसे बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण भी इलियम में सूजन आ सकती है।
अगर परिवार में पहले किसी को क्रोहन्स डिजीज या आईबीडी (IBD) की शिकायत रही हो, तो इसका खतरा बढ़ जाता है।
दर्द निवारक दवाएं जैसे इबुप्रोफेन या एस्पिरिन का लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल आंतों की परत को नुकसान पहुंचाता है।
अत्यधिक मानसिक तनाव, स्मोकिंग और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड या अनहेल्दी फूड खाना इस बीमारी को ट्रिगर कर सकता है।
टर्मिनल इलियटिस से बचाव के उपाय
बहुत ज्यादा तीखा, तला-भुना, कैफीन और प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें। अपनी डाइट में आसानी से पचने वाला और फाइबर युक्त खाना शामिल करें।
दस्त और पाचन की समस्या के कारण शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी और लिक्विड डाइट लें।
बिना डॉक्टर की पर्ची के बार-बार पेनकिलर्स खाने की आदत तुरंत छोड़ दें।
स्मोकिंग इस बीमारी को कई गुना बढ़ा देती है, इसलिए इससे पूरी तरह दूरी बनाएं। साथ ही योग और ध्यान के जरिए स्ट्रेस को मैनेज करें।
अगर पेट के दाहिने हिस्से में दर्द लगातार बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉक्टर कोलोनोस्कोपी या सीटी स्कैन के जरिए इसकी सही पहचान कर इलाज शुरू कर सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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