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कहीं आप फूड एलर्जी को ही फूड इनटॉलरेंस तो नहीं समझते हैं, ये है अंतर और लक्षण
फूड एलर्जी और फूड इनटॉलरेंस को अक्सर लोग एक ही समझ बैठते हैं। जबकि वास्तव में ये दोनों ही एक-दूसरे से अलग हैं। अमूमन इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में जानकारी ना होने के कारण अक्सर लोग सही समय पर अपना इलाज नहीं करवाते हैं और फिर उन्हें बाद में परेशानी होती है। दरअसल, फूड एलर्जी तब होती है, जब इम्यून सिस्टम पर कोई फूड नेगेटिव तरीके से रिएक्ट करता है। आमतौर पर, फूड एलर्जी नुकसानदायक नहीं होती है। जबकि फूड इनटॉलरेंस की स्थिति तब पैदा होती है, जब किसी खास तरह के फूड के साथ बॉडी में केमिकल रिएक्शन करती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको फूड एलर्जी व फूड इनटॉलरेंस के बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं-

फूड एलर्जी क्या है?
फूड एलर्जी की स्थिति तब पैदा होती है, जब किसी खास फूड को खाने के बाद आपका इम्यून सिस्टम रिएक्शन करता है। वास्तव में, यह एक ऐसी स्थिति है, जिसका कोई इलाज नहीं है। जब किसी को फूड एलर्जी होती है तो ऐसे में उस फूड की एक छोटी सी मात्रा भी उसे ट्रिगर कर सकती है।
फूड एलर्जी के लक्षण-
जब किसी को फूड एलर्जी होती है तो ऐसे में इसके कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। जैसे-
• पेट में दर्द
• उल्टी करना
• मुंह में झनझनाहट का अहसास
• आंखों, चेहरे और होठों में सूजन
वहीं, कभी-कभी फूड एलर्जी होने पर कुछ गंभीर लक्षण भी नजर आ सकते हैं। मसलन-
• सांस लेने में दिक्क्त
• गले में सूजन या जकड़न
• घरघराहट या लगातार खांसी
• लगातार चक्कर आना
• बात करने में कठिनाई या आवाज का कर्कश होना
फूड एलर्जी के कारण
किसी भी व्यक्ति को फूड एलर्जी तब होती है, जब आपका इम्यून सिस्टम गलती से किसी खाद्य पदार्थ या भोजन को हानिकारक समझने लग जाती है। इसलिए, जैसे ही आप कोई ऐसा खाद्य पदार्थ खाते हैं जिससे आपको एलर्जी है, तो आपका इम्यून सिस्टम तुरंत रिस्पॉन्ड करता है और एंटी-बॉडी रिलीज करता है। जिससे आपकी बॉडी रिएक्ट करती है।

फूड इनटॉलरेंस क्या है?
फूड इनटॉलरेंस फूड एलर्जी से अलग है। आमतौर पर, यह स्थिति तब होती है जब हमारा शरीर किसी खास तरह के फूड के प्रति इनटॉलरेंट या फिर सेंसेटिव होता है। जिससे हमारे पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। फूड इनटॉलरेंस आपको परेशान कर सकता है, लेकिन वास्तव में यह जानलेवा नहीं है। दरअसल, जब हमें फूड इनटॉलरेंस की समस्या होती है तो इससे उस फूड को पचाने में मुश्किल होती है। ऐसे में जब आप ऐसे किसी फूड को खाते हैं तो इससे गैस, पेट में दर्द और दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैं। आमतौर पर, फूड इनटॉलरेंस से जुड़े लक्षणों को सामने आने में कुछ घंटें लग सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर आप बेहद कम मात्रा में ऐसे किसी फूड को खाते हैं तो इससे जल्दी से लक्षण नजर नहीं आते हैं।
फूड इनटॉलरेंस के लक्षण-
फूड इनटॉलरेंस होने पर कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। मसलन-
• पसीना आना
• दस्त
• सांस लेने में दिक्क्त
• स्किन में जलन महसूस होना
• सिरदर्द और माइग्रेन
• दिल में घबराहट का अहसास होना
फूड इनटॉलरेंस के कारण-
फूड इनटॉलरेंस मुख्य रूप से उस एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण हो सकती है जो उस भोजन या ड्रिंक को पूरी तरह से पचाने के लिए आवश्यक है। फूड इनटॉलरेंस इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के कारण होती है, जिससे व्यक्ति को कब्ज, दस्त और ऐंठन की समस्या हो सकती है। व्यक्ति को लैक्टोज इनटॉलरेंस से लेकर कैफीन इनटॉलरेंस आदि की समस्या हो सकती है। जहां लैक्टोज इनटॉलरेंस के कारण हमारा शरीर लैक्टोज को पचाने में असमर्थ हो जाता है। ऐसे लोगों को फरमेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स आदि को खाने में समस्या हो सकती है। वहीं, कैफीन इनटॉलरेंस होने पर व्यक्ति को कैफीन युक्त पेय का सेवन करने पर अनिद्रा, बेचैनी, घबराहट, चिंता और दिल की धड़कन का तेज होना आदि समस्या हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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