लालू प्रसाद यादव का हुआ किडनी ट्रांसप्लांट, जानें क्या करें क्या ना करें

Lalu Prasad Yadav Kidney Transplant

लालू प्रसाद यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ही में, लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपने पिता के हेल्थ अपडेट को लोगों के साथ शेयर किया है। जिसमें उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि लालू प्रसाद यादव का किडनी ट्रान्सप्लांट का ऑपरेशन सफल रहा। लालू प्रसाद यादव को उनकी बड़ी बेटी रोहिणी आचार्य से किडनी मिली थी। जिसके बाद तेजस्वी यादव ने रोहिणी आचार्य को किडनी दान करने के लिए शुक्रिया कहते हुए एक ट्वीट शेयर किया है।

जब डॉक्टरों ने किडनी ट्रान्सप्लांट का सुझाव दिया तो लालू प्रसाद यादव कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। इसके बाद से कई लोगों के मन में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद क्या करें और क्या न करें के बारे में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। क्रोनिक किडनी डिजीज एक महामारी बन गई है। जिसमें हम डायलिसिस की जरूरत वाले रोगियों की एक बड़ी संख्या देख रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए सबसे अच्छा इलाजकिडनी ट्रान्सप्लांट है। डायलिसिस की तुलना में किडनी ट्रान्सप्लांट पेशेंट को बहुत अच्छी मात्रा और जीवन की गुणवत्ता मिलती है। इसलिए किडनी रोग के उन सभी रोगियों डायलिसिस की जरूरत होती है। इसलिए किडनी ट्रान्सप्लांट के लिए हमेशा एक विकल्प उन पेशेंट को तैयार रखना चाहिए।

किडनी ट्रान्सप्लांट पेशेंट इन बातों का रखें ध्यान

समय पर खाएं दवा

किसी भी बीमारी से बचने के लिए समय पर दवा खाना जरूरी होता है। ऐसे में किडनी ट्रान्सप्लांट रोगियों के लिए भी जरूरी है कि वो अपने दवा को लेकर किसी तरह की आसावधानी ना बर्ते। इतना हीं नहीं डॉक्टरों की सलाह के बिना किसी भी दवा को खाने से बंद करने से बचे।

जोड़ों का दर्द, जी मिचलाना

किडनी ट्रान्सप्लांट करवाने से पहले या बाद में अगर आपको किसी भी तरह का बुखार, दर्द, रैशेज, उल्टी हो रही है तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

सफाई का रखें ध्यान

किडनी ट्रान्सप्लांट के लिए जरूरी है कि आप अपने आस-पास साफ सफाई का ध्यान रखें। साथ ही फास्ट फूड और अनहेल्दी खाना खाने से बचें ।

ब्लड प्रेशर का रखें ध्यान

किडनी से पीड़ित मरीजों के लिए जरूरी है कि घर में ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग डिवाइस हमेशा रखें। ताकि आप अपने ब्लड प्रेशर को समय समय पर मॉनिटर कर सकें।

हेवी वेट

शुरुआत के 1-2 महीनें में भारी वजन उठाने से बचें। क्योंकि किडनी ट्रान्सप्लांट में लगें टांके आपकी टेंशन को बढ़ा सकते हैं।

किडनी ट्रान्सप्लांट के बाद, किडनी डोनेट करने वाले को भी डॉक्टर की देखभाल की जरूरत होती है। आमतौर पर हेल्दी डोनर के लिए लंबे समय में किडनी डोनेट करने के जोखिम कम होते हैं। अगर आप किडनी डोनेट करते हैं, तो आपके भविष्य में किडनी फेल होने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि खतरा मामूली है। किडनी की विफलता होने की संभावना 1 प्रतिशत से कम होती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, December 5, 2022, 23:42 [IST]
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