क्‍या है Bell’s Palsy Disease ज‍िसके श‍िकार हुए महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे, क‍ितनी खतरनाक है ये बीमारी

महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे को बेल्स पाल्सी नाम की एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी हुई है, जिसमें चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और लकवा पैदा होता है। यह स्थिति अचानक होती है और आमतौर पर शरीर के एक हिस्से में होती है। मुंडे ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह दो मिनट से ज्यादा ठीक से बोल नहीं पाते, जिससे उनकी कैबिनेट मीटिंग और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भागीदारी बाधित होती है।

बेल्स पाल्सी एक अस्थायी, मगर गंभीर स्थिति है, जो चेहरे को लटकने का कारण बन सकती है और दैनिक गतिविधियों को करने में कठिनाई उत्पन्न कर सकती है। इस बीमारी से जूझते हुए मुंडे ने कहा है क‍ि अब वो पूरी तरह ठीक होने के बाद ही सार्वजनिक तौर पर सामने आएंगे। आइए विस्‍तार से जानते हैं क‍ि बेल्स पाल्सी क्‍या है?

Maharashtra Minister Dhananjay Munde Diagnosed With Bell s Palsy

क्या है बेल्स पाल्सी?

बेल्स पाल्सी चेहरे की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी का एक स्थिति है, जो आमतौर पर चेहरे के एक तरफ को प्रभावित करती है। इसे चेहरे की नसों की सूजन के कारण माना जाता है, जो मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक (एनआईएनडीएस) के अनुसार, बेल्स पाल्सी हर साल अमेरिका में लगभग 40,000 लोगों को प्रभावित करती है। हालांकि इसके होने का ठोस कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन यह वायरल इंफेक्शन, कमजोर इम्यूनिटी, नर्वस सिस्टम की समस्याओं और जेनेटिक्स से संबंधित हो सकता है। यह स्थिति विशेष रूप से डायबिटीज और अस्थमा के मरीजों में अधिक देखी जाती है, जो उनके लिए जोखिम बढ़ा सकती है।


बेल्स पाल्सी के लक्षण

बेल्स पाल्सी के संकेतों को पहचानना समय ले सकता है, लेकिन कुछ विशेष लक्षण होते हैं:

चेहरा लटकना: चेहरे के एक तरफ की मांसपेशियों में कमजोरी होती है, जिससे आंख बंद करने में कठिनाई और मुंह का झुकाव होता है।
मुंह में सूजन: मुस्कुराने या बोलने पर चेहरे का एक हिस्सा बेढंगा दिखता है।
एक आंख को खोलने में दिक्कत: मरीज एक आंख को पूरी तरह से बंद या खोल नहीं पाता।
बोलने में समस्या: चेहरे की मांसपेशियों की असमर्थता से भाषा की स्पष्टता प्रभावित होती है।
स्वाद में बदलाव: प्रभावित हिस्से में स्वाद में परिवर्तन हो सकता है।
आंसू आना या ड्राई आईज: मरीज पलकें नहीं झपका पाता, जिससे आंसू अधिक या कम बनते हैं।
सुनने में परेशानी: कुछ रोगियों में एक कान में संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

बेल्स पाल्सी का इलाज

बेल्स पाल्सी का उपचार आमतौर पर स्टेरॉयड दवाओं से किया जाता है, जो सूजन को कम करने में मदद करती हैं। चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए फिजिकल थेरेपी भी प्रभावी होती है। इसके अलावा, आंखों की सुरक्षा के लिए आई ड्रॉप्स का उपयोग किया जाता है, खासकर जब मरीज एक आंख को पूरी तरह से बंद नहीं कर पाता। दर्द प्रबंधन के लिए ओवर-द-काउंटर पेनकिलर्स, जैसे कि इबुप्रोफेन, दी जाती हैं। उपचार के दौरान डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है, ताकि मरीज की स्थिति पर नजर रखी जा सके और सही तरीके से प्रगति की जा सके।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, February 21, 2025, 13:37 [IST]
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