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सूर्य नमस्कार तो पता होगा 'पृथ्वी नमस्कार' के बारे में सुना है? मलाइका अरोड़ा ने शेयर किया वीडियो
Malaika Arora Performs Prithvi Namaskar Yoga : बॉलीवुड एक्ट्रेस और मॉडल मलाइका अरोड़ा 50 की उम्र में भी अपनी फिटनेस की वजह से चर्चा में रहती हैं। मलाइका अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस से जुडे वीडियो शेयर करती रहती है। सोमवार को मलाइका ने पृथ्वी नमस्कार करते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया है।
इस वीडियो में वह इस योग के स्टेप बाय स्टेप करती हुई नजर आई।
योग में सूर्य नमस्कार के बारे में तो हर कोई जानता है लेकिन क्या आप जानते 'पृथ्वी नमस्कार' के बारे में जानता है। आइए जानते है पृथ्वी नमस्कार के बारे में यह कितना फायदेमंद है और इसे करने का तरीका है।

क्या है पृथ्वी नमस्कार (What is Earth Salutation)?
पृथ्वी नमस्कार एक योगासन श्रृंखला है, जो सूर्य नमस्कार की तरह ही आसनों का समूह है। इसमें धरती को सम्मान और धन्यवाद देने पर विशेष ध्यान दिया जाता है, क्योंकि यह आसन प्रकृति और शरीर के संतुलन को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए हैं। पृथ्वी नमस्कार में मुख्य रूप से ऐसे आसन होते हैं जो शरीर को लचीला, मजबूत, और ऊर्जा से भरपूर बनाते हैं। यह शारीरिक और मानसिक लाभ प्रदान करता है, जिससे आत्मिक शांति और संतुलन मिलता है।
पृथ्वी नमस्कार के फायदे
बॉडी फ्लेक्सिबल होती है
इस अभ्यास से शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन आता है, खासकर पैरों, जांघों, और रीढ़ की हड्डी में। यह अभ्यास शरीर को पूरी तरह से खोलता है और गतिशीलता बढ़ाता है।
मेंटल शांति रहती है
पृथ्वी नमस्कार का उद्देश्य धरती के साथ एक संबंध स्थापित करना होता है। यह मन को शांति और स्थिरता देता है और मानसिक तनाव को कम करता है।
बॉडी स्ट्रॉन्ग होती है
इस आसन में कई मुद्राएं होती हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों को मजबूती देती हैं। खासतौर से पैरों, कमर, और पेट की मांसपेशियों पर जोर देती हैं, जिससे शरीर की समग्र शक्ति में वृद्धि होती है।
मेटाबॉलिज्म में सुधार
यह आसन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है, जिससे पाचन शक्ति सुधरती है और वजन संतुलन में रहता है। इससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है और वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है
यह अभ्यास हमें पृथ्वी के साथ जुड़ने का अवसर देता है, जिससे ध्यान और एकाग्रता में वृद्धि होती है। यह अभ्यास मानसिक स्पष्टता को भी बढ़ाता है।
ग्राउंडिंग (जमीन से जुड़ाव)
यह आसन हमें पृथ्वी से जोड़ता है, जो सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होता है। इससे हम खुद को अधिक संतुलित और स्थिर महसूस करते हैं।
पृथ्वी नमस्कार कैसे करें?
पृथ्वी नमस्कार में कुल 10-12 आसनों का समावेश होता है, जिनमें ध्यान और सांस पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। इसे निम्नलिखित चरणों में किया जा सकता है।
प्रार्थना मुद्रा : सीधे खड़े होकर दोनों हाथों को जोड़ें और धरती को नमन करें।
हाथ उठाना: दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएँ और कमर को पीछे की ओर हल्का मोड़ें।
आगे झुकना : सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे झुकाकर हाथों को जमीन पर रखें।
दाएं पैर को पीछे ले जाएं: दाएं पैर को पीछे की ओर खींचें और कमर को नीचे रखें।
दोनों पैर पीछे ले जाएं: अब दोनों पैरों को पीछे ले जाकर तख्तासन में आएं।
अष्टांग मुद्रा: घुटनों, छाती, और ठुड्डी को जमीन पर रखें और शरीर का संतुलन बनाएं।
सर्प मुद्रा: सांस लेते हुए शरीर को आगे की ओर ले जाकर भुजंगासन करें।
पहाड़ मुद्रा: सांस छोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएँ और एड़ियों को जमीन पर रखें।
बाएं पैर को आगे लाएं: अब बाएं पैर को हाथों के बीच में लाएं।
फिर से आगे झुकें: सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे की ओर झुकाएं।
हाथ उठाएँ और पीछे मोड़ें: सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएँ और हल्का सा पीछे की ओर झुकें।
प्रार्थना मुद्रा में वापिस आएं: अंत में सीधे खड़े होकर प्रार्थना मुद्रा में आएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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