Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
Exclusive: डायलिसिस का फायदा होता है या नहीं? एक्सपर्ट से जानें किडनी रोग और डायलिसिस से जुड़े सवालों का जवाब
Myths & Facts About Kidney Disease: हाल के वर्षों में, दुनिया भर में किडनी रोगों के प्रसार में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। "ग्लोबल, रीजनल और नेशनल बर्डन ऑफ क्रॉनिक किडनी डिजीज, 1990-2017: ए सिस्टेमैटिक एनालिसिस फॉर द ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी 2017" के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का सभी आयु वर्ग में प्रसार और मृत्यु दर क्रमशः 29.3% और 49.3% बढ़ी है।
मिलियन डेथ स्टडी के अनुमान के अनुसार, भारत में किडनी फेलियर से होने वाली मौतों का अनुपात 38% बढ़ा है। किडनी फेलियर के मरीजों के लिए बेहतर इलाज किडनी ट्रांसप्लांटेशन होता है। हालांकि, अंग दान की लगातार कमी के कारण, 'डायलिसिस' किडनी फेलियर के मरीजों के लिए एक जीवन रक्षक इलाज के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हालांकि डायलिसिस एक मानक उपचार विधि है, फिर भी सामान्य जनता में यह भ्रांतियाँ हैं कि कौन सी प्रक्रिया किडनी के इलाज में प्रभावी है। वासवी हॉस्पिटल्स, बेंगलुरु के डॉ. श्रीनिधि चंद्रशेखर, MBBS, MD, DM नेफ्रोलॉजी किडनी रोग और डायलिसिस से जुड़ी कुछ भ्रांतियों और तथ्यों पर प्रकाश डालते हैं।

भ्रांति 1: किडनी रोग बहुत दुर्लभ है और यह केवल बुजुर्गों को ही प्रभावित करता है।
तथ्य: वास्तव में, किडनी रोग किसी भी आयु के लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (1996-2017) द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) में 83.5% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, भारत में किडनी फेलियर कुल 38% मौतों का कारण है। इसलिए, किडनी रोगों का शीघ्र निदान और उपचार रोग को नियंत्रित करने और परिणामों में सुधार कर सकता है।
भ्रांति 2: किडनी फेलियर का केवल एक ही समाधान है - किडनी ट्रांसप्लांट।
तथ्य: हालांकि किडनी ट्रांसप्लांट किडनी फेलियर के लिए अंतिम उपाय है, आज के समय में डायलिसिस एक प्रभावी और आवश्यक विकल्प हो सकता है उन लोगों के लिए जो ट्रांसप्लांट नहीं करा सकते या इंतजार नहीं कर सकते। डायलिसिस किडनी फेलियर को नियंत्रित करने में मदद करता है और रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करता है।
भ्रांति 3: डायलिसिस का कोई फायदा नहीं होता है।
तथ्य: डायलिसिस निश्चित रूप से मरीजों की स्थिति में सुधार लाने में मदद करता है। नियमित डायलिसिस शरीर की प्रक्रियाओं को बनाए रखने में मदद करता है। जो लोग डायलिसिस कराते हैं, वे अपनी जीवनशैली में सुधार महसूस करते हैं क्योंकि यह प्रक्रिया उनके लिए जीवन रेखा का काम करती है।
भ्रांति 4: डायलिसिस मरीजों को कमजोर, आश्रित और वित्तीय बोझिल बना देता है।
तथ्य: हालांकि डायलिसिस शारीरिक, मानसिक और वित्तीय चुनौतियाँ पेश कर सकता है, यह किडनी फेलियर के मरीजों को उनके स्वास्थ्य और दैनिक कार्यों में स्थिरता प्राप्त करने में मदद करता है। कई डायलिसिस मरीज काम करना जारी रख सकते हैं और अन्य गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। स्पष्ट रूप से, डायलिसिस के लाभ इसके संभावित नुकसान से कहीं अधिक होते हैं।
भ्रांति 5: डायलिसिस एक दर्दनाक प्रक्रिया हो सकती है।
तथ्य: हेमोडायलिसिस के दौरान कुछ असहजता हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर डायलिसिस एक दर्दनाक प्रक्रिया नहीं है। वास्तव में, सही देखभाल के साथ, कई मरीजों को कोई दर्द या असहजता महसूस नहीं होती। हालांकि, पेरिटोनियल डायलिसिस एक कम आक्रामक और दर्द रहित तरीका है।
भ्रांति 6: डायलिसिस एक स्थायी, अपरिवर्तनीय उपचार है।
तथ्य: डायलिसिस एक अस्थायी उपचार हो सकता है जो संक्रमण, दवाओं या आघात के कारण होने वाली तीव्र किडनी चोट (AKI) के लिए किया जाता है। दूसरी ओर, डायलिसिस क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) वाले लोगों के लिए एक दीर्घकालिक प्रक्रिया हो सकती है। कुछ परिस्थितियों में, यदि किडनी की कार्यक्षमता में सुधार होता है, तो डायलिसिस की आवश्यकता नहीं हो सकती। कुल मिलाकर, डायलिसिस का समय मरीज की स्थिति और अंतर्निहित कारणों पर निर्भर करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
