Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
4th स्टेज कैंसर से जूझ रहीं नफीसा अली ने मुंडवाया सिर, जानिए क्या है पेरिटोनियल कैंसर और इसके लक्षण
वेटरन एक्ट्रेस नफीसा अली सोढ़ी स्टेज-4 पेरिटोनियल कैंसर से जूझ रही हैं। इस बात की जानकारी एक्ट्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दी है। अब उनका ट्रीटमेंट शुरू हो चुका है और कीमोथेरेपी चल रही है। हाल ही में नफीसा ने इंस्टाग्राम पर अपने बाल्ड लुक की तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया है। इसके साथ उन्होंने लिखा है- 'पॉजिटिव पावर।' नफीसा की इस पोस्ट पर उनके फैंस और कई सेलेब्स ने कमेंट किया है। हर कोई उनके जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहा है।

आपको बता दें कि नफीसा अली को नवंबर, 2018 में स्टेज 3 पेरिटोनियल और ओवेरियन कैंसर का पता चला था। 2019 में वह ठीक हो गई थीं। लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने बताया कि वे दोबारा इसकी चपेट में आ गई हैं। इसलिए उन्होंने कीमोथेरेपी शुरू की क्योंकि इस लेवल पर सर्जरी करवाना सही नहीं। आइए, जानते हैं कि पेरिटोनियल कैंसर क्या होता है, इसके लक्षण और इलाज क्या है?
पेरिटोनियल कैंसर क्या होता है?
पेरिटोनियल कैंसर एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी है, जो पेरिटोनियम झिली में विकसित होती है। आसान भाषा समझें तो यह हमारे पेट के अंदर मौजूद होती है। इसका काम हमारे अंगों को सुरक्षा करना होता है। लेकिन जब पेरिटोनियल ठीक से गतिविधि नहीं कर पाती है और असामान्य रूप से कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं, तो यह पेरिटोनियल कैंसर का रोग ले लेती है।
पेरिटोनियल कैंसर के लक्षण
पेरीटोनियल कैंसर होने पर व्यक्ति को शुरुआती दौर में पेट से संबंधित समस्या होने लगती है। जैसे पेट में हमेशा सूजन या फुलाव जैसा महसूस होना, पेट में दबाव महसूस होना, भूख न लगना और खाना खाते वक्त जल्दी पेट भर जाना। इसके अलावा, मरीज को तेजी से वजन घटना, कमजोरी और थकान महसूस होना जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। कभी-कभी मरीज को उल्टी या मतली जैसा भी महसूस होता है।
पेरिटोनियल कैंसर के मुख्य कारण
पेरिटोनियल कैंसर होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य कारण अनुवांशिक जीन में बदलाव है। पेरिटोनियल कैंसर आमतौर पर 50 की उम्र के बाद महिलाओं में सबसे ज्यादा होने की संभावना होती है। इसके अलावा, हार्मोनल असंतुलन और खराब जीवनशैली के कारण भी पेरिटोनियल कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।
पेरिटोनियल कैंसर का इलाज
पेरिटोनियल कैंसर का इलाज कैंसर के स्टेज के आधार पर किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति को किसी स्पष्ट जगह पर पेरिटोनियल कैंसर है, तो उसका इलाज सर्जरी के जरिए किया जाता है। साथ ही, कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने के लिए कीमोथेरेपी भी की जाती है। किसी-किसी केस में रेडिएशन थेरेपी का उपयोग किया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
