Latest Updates
-
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
National Cancer Awareness Day: जहरीली हवा भी बन सकता है फेफड़ों का कैंसर, जानें कैसे करें बचाव
How To Protect Your Lungs From Air Pollution : दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक हफ्ते से वायु प्रदूषण का स्तर 'गंभीर श्रेणी' में बना हुआ है। औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में 400 से 500 के बीच रिकॉर्ड की जा रही है, जो सेहत के लिए घातक है।
यह पहली बार नहीं हो रहा है जब दिल्ली की हवा में जहर घुल गया है। पिछले कुछ सालों से दिल्ली और आसपास का इलाको में बसे लोगों को ठंड आने के साथ ही प्रदूषण की मार झेलनी ही पड़ती है।

WHO के मुताबिक 0 से 50 के बीच का AQI सुरक्षित माना गया है। इस लिहाज से दिल्ली की हवा WHO की तय सीमा से 20 गुना प्रदूषित है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से फेफड़े डैमेज हो सकते हैं। 400 या इससे अधिक की एक्यूआई को गंभीर श्रेणी वाला माना जाता है, जिसके कारण कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का खतरा रहता है।
AIIMS के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के एडिशनल प्रोफेसर डॉ पीयूष रंजन ने भी कहा हैकि खराब एयर क्वालिटी से अलग-अलग तरह के कैंसर होने का खतरा रहता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि वायु प्रदूषण रेस्पिरेटरी सिस्टम को नुकसान पहुंचाने के साथ हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक को बढ़ावा देता है। ऐसे लोग जो स्मोकिंग भी करते हैं और प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, उन्हें इन बीमारियों का खतरा कई गुना ज्यादा रहता है। National Cancer Awareness Day 2023 के मौके पर जानते हैं कि इस जहरीली हवा में कैसे फेफड़ों का बचाव करें।

इनडोर AQI पर ध्यान दें
प्रदूषित हवा और इसमें मौजूद जहरीले कणों से फेफड़ों को बचाने के लिए इनडोर AQI पर विशेष ध्यान देना जरुरी है। घर और ऑफिस के अंदर अगर हवा की गुणवत्ता ठीक नहीं है, तो एयर प्यूरीफायर या HEPA फिल्टर का उपयोग करें। इसके अलावा आप कुछ एयर प्यूरीफायर प्लांट भी घर और ऑफिस में अंदर लगा सकते हैं, जो हवा को साफ करने में मदद करते हैं।
अच्छा मास्क पहनें
एयर पॉल्यूशन से बचने और फेफड़ों तक हानिकारक PM2.5 कणों को पहुंचने से रोकने के लिए अच्छे और अच्छी तरह चेहरे और नाक पर फिट होने वाले मास्क जरूर पहनें। एन-95 या के-95 मास्क उपयोग प्रदूषित हवा में मौजूद कणों को सांस के जरिए भीतर जाने से रोकने में मदद करता है।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें
फेफड़ों को प्रदूषण के प्रभाव से बचाने के लिए रोजाना फेफड़ों से जुड़े व्यायाम और योग का अभ्यास करें। प्राणायाम आदि का अभ्यास करने से फेफड़ों को साफ और हेल्दी रखने में मदद मिलती है। ध्यान रहे, प्रदूषित हवा में व्यायाम करने से बचें, आप घर के अंदर ही इसका अभ्यास कर सकते हैं।

बाहर जाने से बचें
इस फेस्टिव सीजन में बीमारी से बचना है, तो जहां तक हो सकें बाहर जाने से बचें। गंभीर वायु प्रदूषण के बीच फेफड़ों को बीमारियों से बचाने के लिए बिना मतलब बाहर नहीं जाना चाहिए। जितना कम खराब हवा में एक्सपोजर होगा, उतना ज्यादा लंग्स स्वस्थ रहेंगे।
स्मोकिंग करने से बचें
फेफड़ों को गंभीर रूप से डैमेज होने से बचाने के लिए सिगरेट समेत किसी भी तरह की स्मोकिंग से बचना चाहिए। अमेरिकन लंग एसोसिएशन (एएलए) के अनुसार, सिगरेट पीना फेफड़ों के कैंसर और सीओपीडी का प्रमुख कारण है, जिसमें क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और वातस्फीति शामिल है। प्रदूषित हवा में सांस लेने की वजह से फेफड़े पहले से ही गैस चेंबर बन चुके हैं। इसी के साथ स्मोकिंग करने से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
