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बच्चों के पेट में कीड़े की समस्या क्यों होती है? जानें इसके कारण, लक्षण और घरेलू उपाय
National Deworming Day 2026: हर साल 10 फरवरी को नेशनल डीवॉर्मिंग डे (राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य 1 से 19 साल तक के बच्चों में कृमि संक्रमण के बारे में जागरूकता बढ़ाना है और पेट के कीड़ों से मुक्त कर स्वस्थ भविष्य देना है। कृमि संक्रमण एक ऐसी समस्या है, जो बच्चों की हेल्थ, ग्रोथ और इम्यूनिटी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में 1 से 14 वर्ष तक की उम्र के 24 करोड़ से अधिक बच्चे की आंतों में कीड़े होने का खतरा रहता है। आंतों में कीड़े होने की स्थिति को सॉइल ट्रांसमिटेड हेलमिंथ (STH) के नाम से भी जाना जाता है। नेशनल डीवॉर्मिंग डे के दिन देशभर के अस्पतालों, क्लिनिक और स्कूलों में भी अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और पेट के कीड़ों से बचाव और सुरक्षा के उपायों के बारे में चर्चा की जाती है।
नेशनल डीवॉर्मिंग डे 2026 की थीम
यह अभियान खासतौर पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चलाया जाता है। इसमें बच्चों को एल्बेंडाजोल (Albendazole) की गोली दी जाती है, जो पेट के कीड़ों को निकालने में सहायक होती है। 2026 में भी इस अभियान का फोकस रहेगा - कृमि मुक्त बचपन, स्वस्थ भारत का निर्माण। इसका मकसद बच्चों में एनीमिया, कुपोषण और कमजोरी को कम करना है।

पेट में कीड़े होने के कारण
पेट में कीड़े होना एक आम समस्या है, जो बच्चों ही नहीं बड़ों में भी पायी जाती है। दरअसल, ये कीड़े परजीवी हैं, जो हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं और शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं। ये कीड़े हमारे शरीर के अंदर पलते हैं और अन्य कई प्रकार के संक्रमण का कारण बनते हैं। यदि इसका सही समय पर इलाज न किया जाए, तो इससे कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इनके फैलने के कुछ मुख्य कारण हैं:
- खाना खाने से पहले हाथ न धोना
- सब्जियां और फल बिना धोए खाना
- खराब पानी पीना
- लंबे नाखून रखना
- मिट्टी से खेलने के बाद हाथों को न धोना
- खुले में शौच करना
बच्चों के पेट में कीड़े होने के लक्षण
- पेट दर्द
- भूख कम होना
- वजन कम होना
- गुदा के आसपास खुजली
- चिड़चिड़ापन और कमजोरी
पेट में कीड़ों के लिए घरेलू उपाय
1. गुड़ और अजवाइन
आधा चम्मच अजवाइन पाउडर में थोड़ा गुड़ मिलाकर सुबह खाली पेट देने से फायदा देखने को मिल सकता है।
2. नीम की पत्तियां
नीम की पत्तियों का पेस्ट और शहद मिलाकर पिलाने से संक्रमण कम करने में मदद मिल सकती है।
3. लहसुन
लहसुन में एंटी पैरासिटिक गुण होते हैं। हल्का भुना लहसुन खिलाना फायदा कर सकता है।
4. कद्दू के बीज
कद्दू के बीजों में मौजूद तत्व आंतों के कीड़ों को कमजोर करके निकलने में सहायक माने जाते हैं।
पेट में कीड़ों की समस्या की रोकथाम के उपाय
बच्चों की खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की आदत बनाएं
नाखून समय से काटें
साफ पानी पिलाएं
हर साल कम से कम एक बार डीवॉर्मिंग करवाएं
बाहर का कच्चा या खुला खाना न दें
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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