Latest Updates
-
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य
WELV: चीन में तेजी से फैल रहा है वेटलैंड वायरस, जानें कितना खतरनाक है ये?
What is Wetland Virus (WELV) : जहां दुनियाभर में मंकीपॉक्स को लेकर खतरा मंडरा रहा है। वहीं चीन में एक ओर खतरनाक वायरस फैलने की बात सामने आई है। जिसकी वजह से शरीर पर खतरनाक खुजली और दाने होने लगते हैं। चीन में फैल रहे है टिक-जनित वायरस वेटलैंड वायरस कहा जाता है।
इस वायरस की वजह से कुछ मामलों में गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इस वजह से इसे इंसानों के लिए खतरनाक माना जा रहा है।

इस वजह से फैलती है ये बीमारी
कई टिक-जनित बीमारियों की तरह, वेटलैंड वायरस भी टिक के काटने से फैलता है। जिससे यह एक वेक्टर-जनित बीमारी बन जाती है। इस वायरस को सबसे पहली पहचान 2019 में चीन के जिनझोउ शहर में एक 61 वर्षीय व्यक्ति में हुई थी। इस व्यक्ति को इनर मंगोलिया के वेटलैंड में टिक ने काटा था, जिसके पांच दिनों बाद उसमें बुखार, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण नजर आने लगे थे।
किन जीवों में पाया जाता है यह वायरस?
इस वायरस का पहला मामला मिलने के बाद वैज्ञानिकों ने उत्तरी चीन में गहन अध्ययन किया और पाया कि इस क्षेत्र में पाए जाने वाले लगभग 2% टिक्स में WELV मौजूद था। विशेष रूप से, Haemaphysalis concinna नाम की टिक प्रजाति में यह वायरस ज्यादा पाया गया। WELV RNA भेड़, घोड़े, सूअर और ट्रांसबाइकल जोकर नाम के रोडेंट्स में भी पाया गया है। ये वायरस न सिर्फ मानव कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि जानवरों में भी घातक संक्रमण का कारण बन चुका है।
कैसे इस वायरस से बचे?
वेटलैंड वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका टिक के काटने से बचना है। इसके लिए
- जब घास वाले क्षेत्रों में जाएं तो लंबी आस्तीन, लंबी पैंट और ऐसे जूते पहनें जो आपके पैरों को पूरी तरह से ढंकें।
- घर आने पर शरीर पर टिक की अच्छी तरह जांच करें टिक दिखने पर तुरंत हटा दें।
- त्वचा और कपड़ों दोनों पर DEET या अन्य कीटनाशक का इस्तेमाल करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
