Latest Updates
-
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर
पाकिस्तान में फिर मिले पोलियों के 3 एक्टिव केस, कितनी खतरनाक हैं ये बीमारी, इसके लक्षण और बचाव क्या है?
New Polio Cases Reported In Pakistan : पाकिस्तान में एक बार फिर पोलियो के बढ़ते मामलों ने दुनियाभर की चिंता बढा दी है। पाकिस्तान में पोलियो के तीन नए मामले सामने आने के बाद एक्टिव केस 55 हो गए हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने डेरा इस्माइल खान, झोब और जाफराबाद जिलों में वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप 1 (WPV 1) की पुष्टि की है।
पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर लकवे या विकलांगता का कारण बन सकती है। यह गंदे पानी से फैलती है, लेकिन टीकाकरण से रोकी जा सकती है।

कितना खतरनाक है पोलियो
पोलियो एक खतरनाक वायरल बीमारी है, जो पोलियोवायरस के कारण होती है। यह शरीर के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित कर सकती है, खासकर तंत्रिका तंत्र को, जिससे लकवे की स्थिति हो सकती है। पोलियो का असर इस पर निर्भर करता है कि वायरस ने शरीर के किस हिस्से को प्रभावित किया है। गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी हो सकती है।
पोलियो के लक्षण
बुखार
सिरदर्द
थकान
मांसपेशियों में दर्द
पैरों और हाथों में कमजोरी
सांस लेने में कठिनाई
गर्दन और पीठ में अकड़न
लकवा होना
पोलियो का कारण
पोलियो का मुख्य कारण पोलियोवायरस (Poliovirus) है, जो मुख्य रूप से एक्स्क्रेटरी सिस्टम (Excretory System) से फैलता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के मल और दूषित पानी या भोजन के माध्यम से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है। पोलियोवायरस तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्तियों में यह गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकता है।
पोलियो का इलाज
पोलियो का इलाज इसके लक्षणों को प्रबंधित करने पर आधारित है। डॉक्टरों के अनुसार, इस बीमारी से बचने के लिए शरीर को अधिक से अधिक आराम देना और सकारात्मक दृष्टिकोण रखना आवश्यक है। उपचार में दर्द निवारक दवाइयों का उपयोग, मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए फिजियोथेरेपी, और सांस संबंधी समस्याओं के लिए ऑक्सीजन थेरेपी शामिल है। हालांकि, पोलियो का कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन सही देखभाल से जीवन की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।
पोलियो की रोकथाम
पोलियो को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। पोलियो के टीके बच्चों को जन्म के समय और फिर 4-6 महीने की उम्र में दिए जाते हैं। इसके अलावा, पोलियो से बचने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखना, दूषित पानी और भोजन से बचना, और एक्स्क्रेटरी ट्रैक्ट को साफ रखना आवश्यक है। सामूहिक टीकाकरण कार्यक्रम भी इस बीमारी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications