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Poha vs Rice: पोहा या चावल, वेटलॉस के लिए दोनों में से क्या खाएं? यहां है इसका जवाब
Poha vs Rice : पोहा हमारे देश में खाया जाने वाला एक पसंदीदा नाश्ता है। यह न सिर्फ पाचन के लिए हल्का होता है, बल्कि इसे सुबह के नाश्ते के लिए हेल्दी फूड भी माना जाता है। वहीं, चावल मोटापे और ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाने के लिए बदनाम हैं। जबकि पोहा और चावल एक ही तरह के अनाज से बनते हैं, तो दोनों में इतना फर्क क्यों?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पोहे में चावल की तुलना कैलोरी का स्तर कम होता है और फाइबर भी ज्यादा होता।

यही वजह है कि पोहे को ज्यादा हेल्दी माना गया है। अगर आप पोहा और चावल दोनों के शौकीन हैं, तो आइए जानते हैं कि इनकी न्यूट्रिशनल वेल्यू में कितना फर्क है और दोनों में से क्या खाना चाहिए?
आयरन
पोहे में आयरन भी ज्यादा मिलता है। रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन में यह काफी मदद करता है। एनीमिया जैसी खतरनाक बीमारी से भी बचाने का काम करता है। आयरन की कमी से जूझने वालों को पोहा खाने की सलाह दी जाती है।
कैलोरी
जब चावल पक जाता है, तब उसमें जो कैलोरी मिलती है, वह पोहे से ज्यादा होती है। चूंकि पोहा को ज्यादा देर तक पकाना नहीं पड़ता है, इसलिए यह ज्यादा हैवी नहीं होता है। कैलोरी को लेकर अलर्ट रहने वालों के लिए पोहा फायदेमंद होता है। सब्जियों के साथ पके हुए एक कप पोहे में 250 कैलोरी होता है, वहीं एक कप चावल में 333 कैलोरी होता है।
पोहा पकने में भी आसान
अब दोनों को पकाने की बात करें तो चावल की तुलना में पोहा आसानी से पक जाता है। ब्रेकफास्ट में पोहा ज्यादा खाया जाता है। इसमें सब्जियां, मसाले डालने से यह ज्यादा फायदेमंद और टेस्टी बन जाता है।
फाइबर
चावल और पोहे की तुलना करें तो पोहे में फाइबर ज्यादा होने से यह अच्छी तरह पच जाता है। पेट भरे रहने के चलते जल्दी-जल्दी भूख भी नहीं लगती है और ब्लड शुगर लेवल भी मेंटेन रहता है। पोहा खाने से आपको भूख नहीं लगती तो बाहर का खाना खाने से भी बच जाते हैं।
पोहा और चावल को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि चावल और पोहे की तुलना करें तो पोहा कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर वाला होता है। इस कारण यह ज्यादा हेल्दी माना जाता है। हालांकि,दोनों की न्यूट्रिशनल वेल्यू में फर्क होता है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पॉलिश्ड न होने के चलते पोहा में फाइबर काफी ज्यादा होती है। अब फाइबर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए पॉपुलर है। इससे पाचन भी अच्छा होता है। पोहा में आयरन भी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। इसलिए एनीमिया जैसी बीमारियों में यह काफी मददगार हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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