प्रेम चोपड़ा को हुई एओर्टिक स्टेनोसिस नाम की बीमारी, कितनी खतरनाक ये हार्ट डिजीज जानें लक्षण

Prem Chopra Diagnosed Serious Heart Disease: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा इन दिनों अपनी हेल्थ को लेकर सुर्खियों में हैं। बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे हैं। उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां अभिनेता का इलाज चला। अब कुछ हफ्तों के बाद, उनके दामाद अभिनेता शरमन जोशी ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी साझा की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें एओर्टिक स्टेनोसिस (Aortic Stenosis) नाम की गंभीर हार्ट बीमारी की पुष्टि हुई है, जिसके बाद फैंस उनकी सेहत को लेकर बेहद चिंतित हैं।

डॉक्टरों के अनुसार यह ऐसी कंडीशन है जिसमें हार्ट की मुख्य धमनियों में से एक एओर्टा का वाल्व धीरे-धीरे सख्त और संकरा होता चला जाता है, जिसकी वजह से दिल से शरीर के बाकी हिस्सों में खून का संचार बाधित होने लगता है।

अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति हार्ट फेल्योर तक का खतरा पैदा कर सकती है। आइए जान लेते हैं कि प्रेम चोपड़ा को जो बीमारी हुई है उसके लक्षण क्या है और हार्ट की ये बीमारी कितनी खतरनाक है?

एओर्टिक स्टेनोसिस कितनी खतरनाक है?

एओर्टिक स्टेनोसिस हार्ट की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक मानी जाती है, क्योंकि इसमें दिल का मुख्य वाल्व एओर्टिक वाल्व धीरे-धीरे संकरा और कठोर हो जाता है। इसके कारण हृदय से शरीर के बाकी हिस्सों में खून की सप्लाई कम होने लगती है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बीमारी के बढ़ने पर दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, और समय के साथ हार्ट मसल्स कमजोर होती चली जाती हैं।

यदि इसका उपचार समय पर न मिले तो यह स्थिति हार्ट फेलियर, अनियमित हार्टबीट, सांस की गंभीर समस्या और हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे जीवन के लिए खतरनाक हार्ट कंडीशन बताते हैं और लक्षणों को हल्के में न लेने की सलाह देते हैं। शुरुआती पहचान और इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।सकती है।

एओर्टिक स्टेनोसिस के प्रमुख लक्षण (Symptoms)

अगर निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए-

थोड़ी सी गतिविधि में भी सांस फूलना

छाती में दर्द या दबाव महसूस होना

चक्कर आना या अचानक बेहोशी

अत्यधिक थकान और कमजोरी

दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना

पैरों और पैर की उँगलियों में सूजन

बढ़ती उम्र में कैसे रखें अपना ध्यान

उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन अगर समय रहते शरीर और मन का ध्यान रखा जाए तो बढ़ती उम्र भी स्वस्थ, खुशहाल और सक्रिय तरीके से जी जा सकती है। 40 की उम्र के बाद शरीर में हार्मोनल बदलाव, मांसपेशियों की कमजोरी, याददाश्त में कमी, नींद की दिक्कत और कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जीवनशैली में छोटे-छोटे सुधार करके खुद को फिट, ऊर्जावान और मानसिक रूप से मजबूत रखा जा सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, December 9, 2025, 17:00 [IST]
Desktop Bottom Promotion