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Putrada Ekadashi 2025 Vart : संतान सुख देने वाली पुत्रदा एकादशी आज, जानें क्या खाएं और क्या नहीं?
Putrada Ekadashi 2025: पौष पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा और व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन तामसिक भोजन, मांस, मदिरा, और अनाज का सेवन वर्जित है। झूठ बोलना, किसी का अपमान करना, या कटु वचन कहना निषेध है। व्रतधारी को क्रोध और आलस्य से बचना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा, व्रत कथा सुनना, और जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है। इन नियमों का पालन करने से व्रत का फल मिलता है और जीवन में सुख-शांति आती है।

पुत्रदा एकादशी पर क्या खाएं
फल और मेवे: सेब, केला, अंगूर, नारियल, अनार जैसे फल खा सकते हैं। सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट, काजू आदि।
सात्विक भोजन: आलू, शकरकंद, कद्दू, अरबी जैसे फलाहारी सब्जियों से बने व्यंजन। सेंधा नमक का उपयोग करें। साबूदाना खिचड़ी, सामा चावल (व्रत के चावल) का उपयोग कर सकते हैं।
दूध और दूध से बने उत्पाद: दूध, दही, मक्खन, छाछ, पनीर।
फलाहारी व्यंजन: सिंघाड़े के आटे या कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी या पकौड़ी। राजगिरा या मखाना खीर।
पानी और जूस : अधिक मात्रा में पानी पिएं। नींबू पानी या फलों का ताजा रस।
पुत्रदा एकादशी पर क्या न खाएं
अनाज और दालें: गेहूं, चावल, मक्का, जौ, बाजरा आदि से बने व्यंजन।
मसाले: सामान्य नमक और गरम मसालों का उपयोग वर्जित है।
मांसाहार और तामसिक भोजन: मांस, मछली, अंडा, प्याज और लहसुन पूरी तरह से वर्जित है।
तली-भुनी और अधिक तेल वाली चीजें: गहरे तेल में तले गए व्यंजन से परहेज करें।
प्याज और लहसुन: किसी भी व्रत में इनका सेवन वर्जित होता है।
ध्यान देने योग्य बातें
व्रत रखने वाले व्यक्ति को मन, वचन, और कर्म से सात्विकता का पालन करना चाहिए। भगवान विष्णु का स्मरण करें और जरूरतमंदों को दान दें। व्रत के दौरान धैर्य और संयम बनाए रखें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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