Latest Updates
-
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा
Spinal Muscular Atrophy: करोड़ों में मिलता है एक इंजेक्शन, इसी बीमारी का मजाक बनाकर फंसे समय रैना
What is spinal muscular atrophy : कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। हाल ही में उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के एक एपिसोड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उन पर सख्त टिप्पणी की है। इस एपिसोड में समय रैना ने स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी (SMA) से पीड़ित एक नवजात बच्चे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर क्योर SMA फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने कोर्ट में याचिका दायर की।
समय रैना पहले भी विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले शो में पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया द्वारा पेरेंट्स की इंटीमेसी पर की गई अशोभनीय टिप्पणी ने भी काफी बवाल मचाया था। समय, रणवीर और अन्य गेस्ट को मुंबई पुलिस के सामने पेश होना पड़ा था। लेकिन इस बार मामला गंभीर है क्योंकि इसमें एक दिव्यांग बच्चे का मजाक उड़ाया गया है। आइए जानते हैं कि स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी क्या है और यह कितनी खतरनाक बीमारी है?

स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी क्या है?
SMA यानी स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी एक दुर्लभ लेकिन गंभीर न्यूरो मस्क्यूलर डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। इसका कारण शरीर में पाए जाने वाले SMN1 नामक जीन में गड़बड़ी है। यह बीमारी अनुवांशिक होती है और इसका असर बच्चों की मूवमेंट, सांस लेने और निगलने की क्षमता पर होता है।
पांच तरह की होती है SMA?
टाइप-0: गर्भ में ही इसका असर दिखने लगता है। जन्म के बाद बच्चे में जोड़ों का दर्द और मूवमेंट की कमी पाई जाती है।
टाइप-1: यह सबसे गंभीर प्रकार है। इसमें बच्चा सिर नहीं उठा पाता और निगलने में दिक्कत होती है। भारत में तीरा कामत इसी प्रकार से पीड़ित है।
टाइप-2: यह 6 से 18 महीने के बच्चों में देखा जाता है। इसमें बच्चा खड़ा नहीं हो पाता।
टाइप-3: यह 2 से 17 साल के बच्चों में होता है। इसमें बीमारी का असर अपेक्षाकृत कम होता है लेकिन आगे चलकर व्हीलचेयर की जरूरत पड़ सकती है।
टाइप-4: यह वयस्कों में होता है और इसमें मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। सांस लेने में भी परेशानी होती है।
करोड़ों में आता है इस बीमारी का इंजेक्शन
इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है। हाल ही में Zolgensma नामक एक जीन थैरेपी इंजेक्शन चर्चा में है, जिसे स्विट्जरलैंड की नोवार्टिस कंपनी ने तैयार किया है। यह इंजेक्शन दो साल से कम उम्र के बच्चों को दिया जाता है और दावा किया जा रहा है कि एक ही डोज से यह बीमारी पूरी तरह ठीक की जा सकती है।
Zolgensma की कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है, जो इसे दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में से एक बनाती है। नोवार्टिस के CEO वस नारसिम्हन का कहना है कि यह एक क्रांतिकारी खोज है जो जेनेटिक बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखती है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई कॉमेडियन के मजाक पर नाराजगी
समय रैना की इस बीमारी को लेकर टिप्पणी को कोर्ट ने 'असंवेदनशील' बताया और कहा कि इस तरह की मानसिकता न केवल समाज के लिए घातक है बल्कि यह दिव्यांग व्यक्तियों की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए समय रैना को कड़ी चेतावनी दी है।
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि मनोरंजन की सीमा कहां तक होनी चाहिए। दिव्यांग बच्चों और दुर्लभ बीमारियों से जूझते परिवारों की पीड़ा का मजाक उड़ाना न केवल अमानवीय है बल्कि कानूनन भी गलत है। समय रैना को इस संवेदनशील विषय पर जिम्मेदारी से पेश आने की ज़रूरत थी, और अब समाज को भी यह समझने की ज़रूरत है कि हास्य और संवेदना के बीच एक स्पष्ट रेखा होनी चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications