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श्रेयस तलपड़े की हुई Angioplasty, जानिए क्या है, किसे और कब पड़ती है इसकी जरुरत
Actor Shreyas Talpade Undergoes Angioplasty : बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता श्रेयस तलपड़े को मुंबई में दिल का दौरा आने के बाद अभिनेता को अस्पताल में एडमिट कराया गया है। बताया जा रहा है कि वो अपनी अगली फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की शूटिंग कर रहे थे और शूटिंग करने के बाद उन्हें अटैक आ गया और बेहोश हो गए। उन्हें मुंबई के अंधेरी पश्चिम में बेलेव्यू अस्पताल में एडमिट कराया गया है और एंजियोप्लास्टी (angioplasty) करवाई गई।

एंजियोप्लास्टी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका इस्तेमाल कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण ब्लॉक हुई कोरोनरी आर्टरी को खोलने के लिए किया जाता है। आइए समझते हैं कि एंजियोप्लास्टी क्या है, इसकी जरुरत किसे और कब आती है?
एंजियोप्लास्टी क्या है?
एंजियोप्लास्टी एक ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें हृदय की मांसपेशियों तक ब्लड सप्लाई करने वाली रक्त वाहिकाओं को खोला जाता है. मेडिकल भाषा में इन रक्त वाहिकाओं को कोरोनरी आर्टरीज़ कहते हैं। डॉक्टर अक्सर दिल का दौरा या स्ट्रोक जैसी समस्याओं के बाद एंजियोप्लास्टी का सहारा लेते हैं।
एक से डेढ़ घंटे के भीतर इलाज जरूरी
इस प्रक्रिया को पर्क्यूटेनियस ट्रांस्लुमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी भी कहा जाता है। कई मामलों में डॉक्टर एंजियोप्लास्टी के बाद कोरोनरी आर्टरी स्टेंट भी रक्त वाहिकाओं में डालते हैं। ये स्टेंट नसों में रक्त प्रवाह को फिर से दुरुस्त करने का काम करता है। दिल का दौरा पड़ने के बाद एक से दो घंटे के भीतर मरीज की एंजियोप्लास्टी हो जानी चाहिए। हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक घंटे के भीतर मरीज को एंजियोप्लास्टी मिलने से मौत का जोखिम कम हो सकता है। इसे जितना जल्दी किया जाए, मरीज के हार्ट फेलियर का खतरा उतना कम होता है। एंजियोप्लास्टी तीन प्रकार की होती है। बैलून एंजियोप्लास्टी, लेजर एंजियोप्लास्टी और एथरेक्टॉमी एंजियोप्लास्टी।

इन समस्या में दी जाती है एंजियोप्लास्टी
क्रोनरी आर्टरी डिजीज, पेरिफेरल आर्टरी डिजीज, कैरोटिड आर्टरी डिजीज और क्रोनिक आर्टरी डिजीज में एंजियोप्लास्टी का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रकिया रक्त वाहिकाओं में जमा फैट और कोलेस्ट्रॉल से बने प्लैक को हटाने के लिए किया जाता है ताकि ब्लड फ्लो में सुधार किया जा सके।
फायदे
एंजियोप्लास्टीसे किसी इंसान की जान बचाई जा सकती है। ये बंद पड़ी धमनियों में रक्त प्रवाह को पुन: दुरुस्त करने का सबसे तेज तरीका है। जितनी जल्दी एंजियोप्लास्टी होगी, हृदय की मांसपेशियों को उतना कम नुकसा। हार्ट अटैक की वजह से सांस में तकलीफ या छाती में दर्द के वक्त भी एंजियोप्लास्टी राहत देती है। इससे ब्लड क्लॉट्स और हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो सकता है।
इन बातों का रखें ख्याल
एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक होने के बाद डॉक्टर मरीज को पहले से ज्यादा सावधान रहने की सलाह देते हैं। डॉक्टर की सलाह पर मेडिकेशन लेते रहें। अगर धूम्रपान के आदी हैं तो इसे छोड़ दे, एक अच्छी सेहतमंद बैलेंस डाइट फॉलो करें।
हार्ट अटैक आने के संकेत जिन्हें न करे नजरअंदाज
सीने में दर्द इसका मुख्य लक्षण है। ये दर्द सीने के बीच से आपके जबड़ों, गर्दन और बायीं तरफ में हाथ में फैलता महसूस होता है। कभी कभार छाती में भारीपन और छाती पर दबाव भी महसूस होता है। इसके अलावा सांस लेने में दिक्कत या फिर बहुत तेज-तेज सांस लेना, दिल की धड़कन बहुत तेज महसूस होना, सांस छोड़ने के दौरान सिर में हल्का भारीपन या फिर चक्कर आने जैसा महसूस होना। बेहोश होना या फिर बेसुध होना आदि हार्ट अटैक के लक्षण हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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