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अगर आपको भी रजाई में सिर ढककर सोने की आदत हैं, तो सतर्क हो जाइए!
Side effects of Sleeping Under A Blanket : हर किसी की सोने की अपनी आदत होती है, किसी को बिना तकिए सोने की आदत होती है, तो किसी को सख्त तकिया आदत चहिए होती है। वहीं सर्दियों में किसी को मुंह ढककर सोने की आदत होती है।
लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि आपकी सोने की आदत आपको नुकसान भी पहुंचा सकती है। सर्दियों में अक्सर लोग रजाई या कम्बल में मुंह ढककर सोते हैं। जिससे कई तरह की समस्याएं हो सकती है। जैसे- सिरदर्द, उल्टी और सफोकेशन आदि। अगर आपको भी सुबह उठने पर ऐसा ही महसूस हो तो डॉक्टरों की इस सलाह पर अमल करें।
डॉक्टर हमेशा बिना मुंह ढंके सोने की सलाह देते हैं, आइए जानते है कि मुंह ढककर सोने से क्या-क्या समस्याएं हो सकती है।

स्लीप एपनिया का खतरा
मुंह ढककर सोने से स्लीप एपनिया हो सकता है। स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जब सोते हुए सांस लेने में थोड़ी दिक्कत आने लगी लगती है। इसलिए आपको मुंह के ऊपर रजाई ढककर नहीं सोना चाहिए। मुंह ढककर सोने से मुंह और नाक के माध्यम से हवा का प्रवाह प्रतिबंधित होता है और इस वजह से एपनिया की समस्या होती है। इसके अलावा, मुंह को ढकने से अनिद्रा हो सकती है या उन लोगों के लिए चीजें और भी बदतर हो सकती हैं जो सामान्य नींद आने की समस्या से जूझ रहे हैं।
थकावट महसूस होना
मुंह ढंककर सोने से ओवर हीटिंग हो सकती है। ओवर हीटिंग की वजह से सूजन आना, मांसपेशियों में ऐंठन और आपको थकावट का एहसास हो सकता है।
ब्रेन डैमेज का खतरा
सोते समय सिर ढकने की वजह से ऑक्सीजन की पूर्ति में कमी होती है जिससे अल्जाइमर और डिमेंशिया का खतरा बढ़ने की सम्भावना रहती है। रिसर्च के अनुसार मुंह ढंककर सोने से ब्रेन डैमेज का खतरा हो सकता है। इसलिए सोते समय सिर न ढके।
हार्टअटैक का खतरा
दरअसल मुंह को ढक कर सोने वाले लोग अपने सिर तक को रजाई से कवर कर लेते हैं ताकि सर्दी का असर रजाई के अंदर न जाए। ऐसे में ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता और दम घुटने जैसी स्थिति हो जाती है। अगर आप अस्थमा के मरीज हैं या हार्ट की परेशानियों से जूझ रहे हैं तो ऑक्सीजन की कमी से आपकी स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। कई बार अस्थमा अटैक और हार्ट अटैक भी पड़ सकता है।
घुटन का एहसास
स्लीप एपनिया, अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्या है पीढ़ित लोगों के लिए मुंह ढककर सोना और भी ज्यादा घातक हो सकता है, क्योंकि इससे घुटन की समस्या हो सकती है। वहीं बंद कमरों में मुंह ढककर सोने से सफोकेशन की समस्या होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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